जयपुर

सफलता की कहानी राजसमन्द जिले की बिनोल ग्राम पंचायत हुई वाद मुक्त, कई रोचक प्रकरणों का निस्तारण हुआ हाथों-हाथ

Story of success is the Binol Gram Panchayat of Rajsamand District, free of charge; many interesting episodes of hand-held hands

जयपुर। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राजस्व लोक अदालत अभियान – न्याय आपके द्वार शिविर आम ग्रामीणों के लिए राहत और सुकून के शिविर साबित हो रहे हैं जहाँ उनकी बरसों पुरानी समस्याओं का हाथों हाथ निपटारा भी हो रहा है और प्रकरणों की वजह से अर्से से जारी तनावों से मुक्ति का अहसास भी हो रहा है।

ग्रामीणों के चेहरों से अच्छी तरह पढ़ा जा सकता है कि उन्हें कितना अधिक सुकून प्राप्त हो रहा है। ग्राम पंचायतों में सारे मामले निपटाकर अपनी ग्राम पंचायत को वाद मुक्त होने का गौरव दिलाने के लिए प्रशासन और ग्रामीण सब मिलकर भरसक प्रयासों में जुटे हुए हैं। इसका असर भी सामने आ रहा है।

राजसमन्द जिले की बिनोल ग्राम पंचायत ने बुधवार को वाद मुक्त होने का गौरव पा लिया। बिनोल ग्राम पंचायत के अटल सेवा केन्द्र पर राजस्व लोक अदालत अभियान – न्याय आपके द्वार के अन्तर्गत अटल सेवा केन्द्र में शिविर व कोर्ट केम्प का आयोजन किया गया। उपखण्ड अधिकारी न्यायालय राजसमन्द में विचाराधीन पुराने कुल 6 प्रकरणों में सारे प्रकरण आपसी समझाईश एवं राजीनामे से निर्णीत हो गए।

सफलता की कहानी राजसमन्द जिले की बिनोल ग्राम पंचायत हुई वाद मुक्त, कई रोचक प्रकरणों का निस्तारण हुआ हाथों-हाथ

उपखण्ड अधिकारी श्री राजेन्द्रप्रसाद अग्रवाल ने बताया कि इन प्रकरणोें के निस्तारण के बाद अब बिनोल ग्राम पंचायत वाद मुक्त पंचायतों में शामिल हो गई है।

उपखंड अधिकारी श्री राजेन्द्रप्रसाद अग्रवाल ने बताया कि इस गौरव को पाने में बिनोल वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष भंवर लाल गुर्जर, सरपंच बिनोल सोहनी देवी गुर्जर, भू अभिलेख निरीक्षक ईश्वर चंद पुरोहित, पटवारी हरलाल र्पूबिया, हीरा लाल तेली, लालू राम लोहार, राजेश पटवारी भावा, खीमाखेड़ा निवासी लहरी लाल गुर्जर, करणपुरिया निवासी श्री लाल एव हीरा लाल गुर्जर की विशेष भूमिका रही।

इन लोगों ने रात दिन एक कर, खाने पीने की परवाह न कर 7 साल से चल रहे प्रकरण रोशन बनाम केशा में दोनों पक्ष को समझाईश की। इनके अथक प्रयासों से आखिर समझौते के लिए राजी हुए । ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही गोदपुत्र, पुरानी चौपनिया की लिखा-पढ़ी और कानून की तकनीकी बारीकियों से उलझते हुए 85 वर्षीय केशा एवम 70 वर्षीय भारू बा की विधवा ऎजी बाई ने बुधवार को कोर्ट-कचहरी और वकीलों के चक्कर काटने से मुक्त होकर राहत की सांस ली ।

इतने बरसों से चल रहे प्रकरणों से परेशान ग्रामीणों ने एक ही दिन में प्रकरणों को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाने का सुकून पाया और इसके लिए उपखण्ड अधिकारी श्री अग्रवाल, समझाईश करने वाले लोगों के साथ ही सरकार और ईश्वर को धन्यवाद दिया।

बिनोल शिविर में कई पुराने प्रकरणों का निर्णय बुधवार को हो जाने से शिविर में आए ग्रामीणों में हर्ष पसरा रहा। इस दौरान 12 वर्षों से विचाराधीन हस्तीमल बनाम लहरी वगैरा में वादी प्रतिवादी की सहमति से घोषणा का मुकदमा निर्णीत हुआ। एक प्रकरण में विभाजन प्रस्ताव मौके पर तैयार कर फाइनल डिक्री जारी की गई।

इसी में एक ऎसा मामला सामने आया जिसमें 85 वर्षीय वृद्ध एवं विधुर केशा पुत्र मोड़ा गुर्जर निवासी करणपुरिया ने ला औलाद होने से सन 2004 में अपने भाई बंदों के लड़के रोशन गुर्जर को गोद लिया और उसी समय गोदनामे की रजिस्ट्री भी करा दी। केशा का छोटा भाई भारू चतुर होकर भारू ने तीसरे भाई रामा का हिस्सा अपने नाम हक त्याग करा रामा का हिस्सा अपने नाम करा लिया।

यहां उल्लेखनीय है कि भारू भी ला-औलाद होकर उसने केशा की तरह अपने समाज एवम भाई-बंधुओं के लड़के हज़ारी को गोद रख लिया। मौका देखकर भारू ने रोशन को नज़रअंदाज़ कर बहला-फुसलाकर केशा की लगभग 13 बीघा भूमि को कुंवारिया की बजाय तहसील आमेट में जाकर रजिस्टर्ड बिकाव एवम हक त्याग करवा लिया। भारू की पिछले महीने मृत्यु हो गई।

बुधवार के शिविर में सभी मोतबिराण रोशन, हज़ारी, भारू की बेवा, केशा की उपस्थिति में भारू और उसकी विधवा पत्नी ऎजी के पक्ष में किये गए पंजीकृत विक्रय पत्र एवम हक त्याग को इग्नोर कर केशा के गोद पुत्र रोशन को उसके हक दिलाने की सहमति देने से उपखंड अधिकारी श्री राजेन्द्रप्रसाद अग्रवाल ने इस रोचक प्रकरण का निस्तारण किया।

सफलता की कहानी राजसमन्द जिले की बिनोल ग्राम पंचायत हुई वाद मुक्त, कई रोचक प्रकरणों का निस्तारण हुआ हाथों-हाथ

बिनोल शिविर में विकास अधिकारी, तहसीलदार,नायब तहसीलदार, डॉ. राज कुमार खोलिया, जलदाय, पशु पालन आदि विभागों के अधिकारी, पंचायत सचिव राजेश जोशी आदि ने शिविर गतिविधियों का संपादन किया।

शिविर में इंद्राज दुरुस्ती के 13 नवीन मामले एवं 6 पुराने विचाराधीन प्रकरण आए। आयुर्वेद विभाग द्वारा 21 रोगियों तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 36 रोगियों की जांच की गई। पशुपालन विभाग की सेवाओं से 269 पशु लाभान्वित हुए।

आयुर्वेदिक औषधालय, कृषि विभाग तथा सार्वजनिक प्रयोजनार्थ भूमि आरक्षण के प्रस्ताव भी लिए गए। शिविर में उपखण्ड अधिकारी ने वृद्ध केशा का स्वागत किया।

राजस्व लोक अदालत- न्याय आपके द्वार शिविर विभिन्न योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के संकल्पों को साकार करने में भी जुटे हुए हैं। बुधवार के शिविर में ग्रामीणों की ओर से यह प्रस्ताव लिया गया कि बिनोल ग्राम पंचायत इसी माह की 27 तारीख को ओडीएफ घोषित कराई जाएगी और इसके उपलक्ष्य में सार्वजनिक समारोह आयोजित कर इस खुशी को जाहिर किया जाएगा।

बिनोल शिविर में 10 भामाशाह कार्ड वितरण,10 व्यक्तियों का नामांकन,12 शौचालय यू सी ,15 जॉब कार्ड, 2 सामाजिक सुरक्षा पेंशन और 24 खाद्य सुरक्षा की अपील निस्तारण आदि के कार्य संपादित हुए।

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