राजस्थान

थम गए बाजार, छा गया सन्नाटा, हर शख्स की एक ही जगह रही नजर… आखिर ऐसा क्या था वो नजारा, जानने के लिए क्लिक कीजिए

Stopped the market, surrounded silence, looking at everyone's place in the same place ... after all, look at the scene, click to know

परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में युवा ब्रह्म शक्ति मेवाड़ के बैनर तले रविवार को ब्रह्मनाद की महारैली निकाली गई। रैली में परशुराम के गगनभेदी जयकारें, देश भक्ति तराने व राजस्थानी-फिल्मी गीतों की मधुर स्वर लहरियों से शहर का समां गूंज उठा। समूचा परिवेश भक्ति-भाव से लबरेज हो गया।

राजसमंद। परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में युवा ब्रह्म शक्ति मेवाड़ के बैनर तले रविवार को ब्रह्मनाद की महारैली निकाली गई। रैली में परशुराम के गगनभेदी जयकारें, देश भक्ति तराने व राजस्थानी-फिल्मी गीतों की मधुर स्वर लहरियों से शहर का समां गूंज उठा। समूचा परिवेश भक्ति-भाव से लबरेज हो गया।

कांकरोली में श्री द्वारकाधीश मंदिर से दोपहर बाद वाहन रैली रवाना हुई। रैली को संत ज्ञानानंद महाराज ने भगवा पताका फहराकर रवाना किया। रैली में आगे डीजे पर परशुराम के भक्ति भजन गूंज रहे थे। पीछे सैकड़ों धवल वस्त्रों में युवा सवार बाइक सवार हो जयकारे लगाते चल रहे थ्ज्ञे। हाथों में ब्रह्म शक्ति के केसरिया रंग के ध्वज थामे चल रहे थे। साथ में पैदल चल रहे सैकड़ों युवा नाचते-गाते चल रहे थे। बीच में खुली जीप पर भगवान परशुराम की मनोहारी झांकी सजी थी। साथ ही वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की झांकी मेवाड़ की आन, बान व शान और लोक संस्कृति को बयां कर वीरता का संदेश दे रही थी।

रैली में नासिक से आई ढोल-ताशा पार्टी आकर्षण का केन्द्र बनी रही। ढोल-ताशा पार्टी ने पूरे रास्ते में अपनी विशिष्ट शैली में ढोल-ताशा बजाकर लोगों का खूब मन मोहा। रैली मुखर्जी चौराहा, जेके मोड़, चौपाटी, पुराना बस स्टेण्ड, जलचक्की, पीर बावजी, पुरानी कलेक्ट्री, कलालवाटी, दाणी चबुतरा होते हुए राजनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर पहुंचकर सम्पन्न हो गई। रैली के स्वागत के लिए मार्ग में जगह-जगह विभिन्न समाज व प्रतिष्ठानों द्वारा स्वागत द्वार लगाकर अभिनंदन किया गया। साथ ही युवाओं के लिए शीतल जल व पेय पदार्थ का प्रबंध किया गया।

ब्रह्मनाद रैली से थम गया शहर:- करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी रैली के आगे आतिशबाजी करते हुए युवा चल रहे थे। आतिशी धमाकों के साथ यह संदेश दिया जा रहा था कि ब्रह्मनाद की रैली आ रही है। रैली सि मार्ग से गुजरी, उस रास्ते का यातायात व लोग उसी जगह रूककर एक टक देखते रहे। सबसे आगे युवा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराते हुए चल रहे थे, जो देश भक्ति एवं राष्ट्रीयता का संदेश प्रसारित कर रहे थे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top