अजमेर

राजस्व कर्मियों के हड़ताल पर रहने से शिविरों की सफलता पर संदेह

Due to the success of camps by the revenue workers on strike

अजमेर। राजस्थान में अपनी मांगों को लेकर राजस्व कार्मिकों के हड़ताल पर रहने से अजमेर जिले में आज आयोजित राजस्व शिविरों की सफलता पर संशय पैदा हो गया है।

यह शिविर उपखंड अधिकारी एवं सहायक कलेक्टर की देखरेख आयोजित हो रहे है लेकिन इनकी सफलता तभी संभव है जब इनमें राजस्व कार्मिकों की भूमिका सक्रिय हो पाए। जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व लोक अदालत शिविर लगाकर ग्रामीणों के राजस्व संबंधी प्रकरणों को निपटाने का प्रशासन द्वारा प्रयास प्रारंभ कर दिया गया है और आज पहले दिन अजयसर, फारकिया , रावतमाल , बड़ाखेड़ा , लांबा , धूंधरी, श्यामगढ़ , बौराड़ा , देवलियाकला तथा पींगलौद में शिविर आयोजित किए गए।

राजस्थान राजस्व सेवा परिषद के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आज अजमेर के जिला कलक्ट्रेट के बाहर तहसीलदारों , नायाब तहसीलदारों , गिरदावरों तथा पटवारियों ने राजस्व लोक अदालत न्याय आपके द्वार अभियान 2017 का बहिष्कार करते हुए आंदोलन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजस्व कार्मिकों ने अपनी मांगों के सिलसिले में सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

राजस्थान कानूनगो संघ के प्रदेशाध्यक्ष विशंभर दयाल वशिष्ठ ने बताया कि सरकार की ओर से विभिन्न मांगों पर आश्वासन तो मिल रहे है लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा लिखित आश्वासन नहीं दिए जाने से कार्मिकों में रोष है और इस बार वे अपना हक लेकर ही रहेंगे तथा तब तक काम पर नहीं लौटेंगे जब तक सरकार द्वारा उनकी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं कर लिया जाता।

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