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पूर्ण जागृति की ओर बढ़कर परमात्मा को प्राप्त करें : ब्रम्हर्षि गुरुदेव

तिरुपति के ब्रम्हर्षि आश्रम में महाशिवरात्रि महोत्सव पर हुए अनेक आयोजन

तिरुपति, (छोटीकाशी डॉट कॉम ब्यूरो)। सिद्धेश्वर ब्रम्हर्षि गुरुदेव ने कहा कि शिव का अर्थ ही स्वयं को जानना है। शिव ने पहली बार इस रात्रि में शक्ति पाई, यानी जागरण की नहीं हमारे लिए भी यह जागृति की रात्रि है। ऐसे में हमें मोह, लोभ, ईष्र्या, क्रोध व आवेश इत्यादि दुर्विकारों को अपने जीवन से निकाल कर पूर्ण जागृति की ओर बढऩा है, परमात्मा को प्राप्त करना है। जीवन को जागृत करने की सीख देते हुए संतश्री ने कहा कि जीवन को आदर्श अथवा उदाहरण बनाना भी जरुरी है, क्योंकि एक धर्मालु व्यक्ति के जीवन को देखकर उसके धर्म की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि शिवलिंग में भगवान शंकर का आत्मचैतन्य रुप छिपा रहता है। शिव परिवार की कल्पना शिवलिंग में रखते हुए अर्चना करने से भक्तों का भोम व मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है।

मंगलवार रात्रि यहां सिद्धेश्वर तीर्थ ब्रम्हर्षि आश्रम में महाशिवरात्रि महोत्सव के तहत श्रद्धालूओं को सम्बोधित करते हुए अपने आशीर्वचनों में ब्रम्हर्षि ने कहा कि भगवान शंकर की अर्चना के दो भेद हैं। मूर्तरुप से भगवान शंकर की अर्चना मूर्ति पूजा के द्वारा की जाती है, जबकि अमूर्त रुप से शंकर की पूजा शिवलिंग पर की जाती है। शिवरात्रि पर्व की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए गुंरुदेव ने कहा कि मूर्तिपूजा से भी अधिक महात्म्य शिवलिंग पूजन का बताया गया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग कामना के लिए अलग-अलग द्रव्यों से अभिषेक पूजा का प्रयोग विशेष फलदायी होता है।

उन्होंने कहा कि अन्त: और बाह्य शक्ति हमारी ऊर्जा को ऊंचा उठाती है। उन्होंने इस अवसर पर बड़ी संख्या में देश और दुनिया के अनेक शहरों से आए गुरुभक्तों को ब्रम्हर्षि ने कहा कि एक श्रद्धालू अच्छेभाव, भक्ति और पे्रम है तो उसे प्राप्त करने का सामथ्र्य भी रखना होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भक्ति और भाव के साथ हमारे जीवन में अनुशासन का होना भी आवश्यक है, क्योंकि जब तक पात्रता नहीं होगी तब तक भगवान देकर भी नहीं देता है। गुरु को आध्यात्मिक स्पर्श व आध्यात्मिक शक्ति देने वाला बताते हुए उन्होंने कहा कि मीरा जैसा सब्र व हनुमान जैसी भक्ति अपनाकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ऩा चाहिए। इससे पूर्व अनेक भक्तों ने गर्णों के रुप में ढोल-ताशों व बैंड-बाजों के साथ धूमधाम से ब्रम्हर्षि को रथबग्गी में बतौर बारात के रुप में झूमते-नाचते हुए प्रवेश कराया। आश्रम के आचार्यश्री पंडित श्रीनिवास श्रीमाली ने माता हॉल में द्वादश ज्योतिर्लिंग की समूहवाइज सैकड़ों भक्तों को पूजा करवायी। चार प्रहर की तीन-तीन घण्टे के अभिषेक पूजन के दौरान ‘शिव ही गुरु है, गुरु ही शिव है…., जय जय शंकर हर शिवशंकर… व ऊं नम: शिवाय:…Ó सरीखे भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियां दीं। आश्रम के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी प्रकाश सेठिया ने बताया कि कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, हरियाणा के न्यायाधीश नवाब सिंह, जयपुर के न्यायाधीश राजेंद्र चौधरी, ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फं्रट के चेयरमैन डॉ. एम.एस.बिट््टा, हरियाणा के पूर्व मंत्री फूलचंद मूलाणा व अनंतपुर रेंज के डीआईजी प्रभाकर राव (आईपीएस) सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों ने शिरकत की। आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम मोदी ने सभी का स्वागत किया। सुबह के सत्र में पंडित श्रीमाली के आचार्यत्व में कालसर्प दोष निवारण एवं राहुकेतू शांति पूजन में 251 यजमानों ने भाग लिया। पंडित जितेंद्र श्रीमाली, गोविंद आचार्य, नरेंद्र त्रिवेदी, गोविंद झा व अनिल जोशी के साथ अनेक पंडितों ने शास्त्रोक्त मंत्रोच्चारण के साथ इस पूजन यज्ञ में आहूतियों का विधान संपन्न कराया। सेठिया के अनुसार इस पूजन मेें आश्रम से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों में स्टीव गुप्ता, संजय गोयल (टोरेंटो), इब्राहिम नासी, अशोक संचेती (यूएसए), लक्ष्मी झुनझुनवाला (न्यूजीलैण्ड), अरविंद मोदी (जापान) व आश्रम के युवा अध्यक्ष प्रखर गुलेच्छा (बेंगलूरू) सहित अनेक गुरुभक्त शामिल हुए। उधर ध्यान मंदिर में प्रतिष्ठित श्री ब्रम्हेश्वर महादेव का जलाभिषेक पूजन करने वालों का सुबह से दिनभर तांता लगा रहा। इसी दौरान वृंदावन के रामायणी भरतशरणजी ने गुरुभक्तों को सामूहिक हनुमान चालीसा के अनेक पाठ करवाए। मध्यान्ह में गोदान व गोपूजा का विधान भी हुआ। मुंंबई की कलाकार सोनिया अरोड़ा ने गुरुभक्ति कीए क से बढ़कर एक प्रस्तुुतियों मूें दमादम मस्त कलंदर…, शुक्र करां गुरुजी थारो शुक्र करां…, तुझमें ना रहे-मुझमें ना रहे.. सरीखी अनेक प्रस्तुतियों से श्रद्धालूओं को झूमने पर मजबूर किया। इस मौके पर श्री गुरुदेव ने अध्यक्ष घनश्याम मोदी को उनकी सेवाभावी विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘आश्रम धर्मरत्न अवार्डÓ से सम्मानित किया। आयोजन के कोर्डिनेटर के रुप में सरला बोथरा, बिन्नू तंवर, सुनील आहूजा, शांतिलाल मेहता, राजेश चौरडिय़ा, रमेश सांखला, गोपाल अग्रवाल, आशीष मेहता, हापूराम माली सहित अनेक ने सहयोग किया। महाशिवरात्रि महोत्सव के अध्यक्ष गोपालसिंह राजपुरोहित का सत्कार करते हुए गुरुदेव ने अगले वर्ष की महाशिवरात्रि पर्व का चेयरमैन पुन: घोषित किया व बेंगलूरू के हापूराम माली की टीम को जिम्मेवारी प्रदान की गयी। श्रीगुरुदेव ने आश्रम की विभिन्न जिम्मेवारियों के लिए अनेक पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की व इन सभी का सत्कार भी किया। गोपाल सिंह राजपुरोहित ने सभी का आभार ज्ञापित किया। (मो.9351202254)

कार्यकाम् की कुछ फोटो

 

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