राजनीति

जिग्नेश ने किया चन्द्रशेखर को लोकसभा चुनाव लड़ाने का एलान

सहारनपुर. दलित नेता और गुजरात के वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवानी ने भीम आर्मी संस्थापक चन्द्रशेखर उर्फ रावण को लोकसभा चुनाव लड़ाने का एलान किया है. युवा दलित नेता जिग्नेश मेवाणी की सक्रियता पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती जा रही है. मेरठ में एक दिन पहले जिग्नेश ने चन्द्रशेखर को लोकसभा चुनाव लड़ाने का एलान किया. जिग्नेश के इस एलान से सबसे अधिक बेचैनी बसपा खेमे में देखने को मिल रही है. भीम आर्मी के पक्ष में आने के बाद गुजरात विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी की सक्रियता उत्तर प्रदेश में खासी बढ़ गई है. जिग्‍नेश के इस कदम को कांग्रेस की राजनीति का ह‍िस्‍सा भी माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक़ भीम आर्मी संस्थापक चन्द्रशेखर के जरिए जिग्नेश मेवानी पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पैठ बनाने में जुटे हैं. खास बात तो ये है कि चन्द्रशेखर को जेल से रिहा कराने के लिए भी कमान संभाल ली हैं और भीम आर्मी के पदाधिकारियों और चन्द्रशेखर के परिवारजनों से भी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. आपको बता दें कि चन्द्रशेखर की रिहाई की मांग को लेकर एक दिन दिन पहले जिग्नेश मेवानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोला था. मेवानी ने कहा था कि यदि अंबेडकर जयंती तक चन्द्रशेखर की रिहाई न हुई तो मुख्यमंत्री को कहीं पर भी बाबा साहेब की प्रतिमा पर हाथ न लगाने दिया जाए. इसी प्रदर्शन में एलान किया कि वह चन्द्रशेखर को देश के सबसे बड़े सदन में लेकर जायेंगे और आने वाले लोकसभा चुनाव में चन्द्रशेखर को लोकसभा चुनाव लड़ाया जाएगा. भीम आर्मी अभी तक चुनाव में ना उतरने की ऐलान करती रही है और वह स्वयं को अराजनैतिक संगठन बताते रहे हैं. ऐसे में यदि जिग्‍नेश के द्वारा चन्द्रशेखर को चुनावी रण में उतारा जाता है तो निश्चित तौर पर सियासी दलों के लिए मुश्किल बढ़ेंगी और दलित युवाओं के बीच भीम आर्मी की खासी पैठ होने के कारण इसका सबसे अधिक नुकसान भी बसपा को ही उठाना होगा. हालांकि जिग्नेश मेवानी की इस घोषणा के बाद भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत नौटियाल का कहना है कि जिग्‍नेश ने मेरठ में चन्द्रशेखर को लोकसभा चुनाव लड़ाने के संबंध में जो बयान दिया है, वह जल्दबाजी में दिया गया बयान है. चन्द्रशेखर अभी कोई चुनाव नहीं लड़ रहा है और अभी वह सामाजिक काम ही करना चाहते हैं. जिग्नेश को कांग्रेस का भी पूरा समर्थन है और भीम आर्मी का साथ भी कांग्रेस दे चुकी है. सहारनपुर हिंसा के दौरान कांग्रेस ने खुलकर भीम आर्मी का साथ दिया. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ही अनेक बड़े कांग्रेसी नेता सहारनपुर में सक्रिय रहे. गुजरात में जिग्नेश का भी कांग्रेस ने समर्थन किया और जिग्नेश को राहुल गांधी के करीब भी माना जा रहा है. कांग्रेस का प्रयास है कि वह दलितों को अपने साथ लेकर दलित, मुस्लिम समीकरण के सहारे आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती दी जाए. कांग्रेस के इसी प्रयास ने बसपा की चिंता बढ़ा दी है.

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