धर्म-ज्योतिष

🔱🍃 *महाशिवरात्रि* 🍃🔱

Jyotish Sashikant Pandey: ज्योतिर्विद पं० शशिकान्त पाण्डेय (दैवज्ञ)
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🔱🍃 *महाशिवरात्रि* 🍃🔱
*जानें राशि के अनुसार रुद्राभिषेक की विधि व नियम ! महाशिवरात्रि पर करें भगवान शिव की आराधना और करें खुशहाल जीवन की कामना।*
महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा दिन है, इसलिए यह हिन्दू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्य रात्रि के समय भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। शिव के निराकार से साकार रूप में अवतरण की रात्रि ही महाशिवरात्रि है।
सुख-समृद्धि के लिए महाशिवरात्रि पर अवश्य करें पारद शिवलिंग की स्थापना
*महाशिवरात्रि पूजाविधि…*
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के रुद्राभिषेक का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से रोग, शोक व तमाम कष्टों का नाश हो जाता है और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले श्रद्धालु, त्रयोदशी के दिन एक समय भोजन करें और चतुर्दशी को दिनभर अन्न ग्रहण नहीं करें। इस दौरान सिर्फ फल और दूध ही ग्रहण करना चाहिए।इस दिन प्रातःकाल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थल के लिए मंडप सजाएँ। इसमें कलश स्थापित करें एवं भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति स्थापित करें।भगवान शिव को अक्षत, पान, सुपारी, गंगाजल, बिल्व पत्र, पीले फूल, धतूरे के फल, दूध, दही, शहद, चंदन आदि अर्पित करें।निशीथ काल यानि मध्य रात्रि के समय भगवान शिव का पूजन और रात्रि जागरण करें। इस दौरान शिव चालीसा, शिव सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करना चाहिए।
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*राशि के अनुसार करें भगवान शिव का रुद्राभिषेक…*
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। इसका अर्थ है भगवान रुद्र का अभिषेक यानि उन्हें स्नान कराना। मान्यता है कि रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। यदि आप अपनी राशि के अनुसार भगवान शिव का रुद्राभिषेक करते हैं तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
*सभी 12 राशियों के अनुसार रुद्राभिषेक की सामग्री…*
मेष, सिंह : शहद और गन्ने का रस
वृषभ : दूध और दही
मिथुन : कुशोदक और शरबत
कर्क, धनु : दूध और शहद
कन्या, कुंभ : कुशोदक और दही
तुला : दूध और कुशोदक
वृश्चिक : शहद, दूध, गन्ने का रस
मकर : कुशोदक, गंगा जल में गुड़ डाल कर
मीन : शहद, दूध और गन्ने का रस
महाशिवरात्रि का मंगल पर्व भोलेनाथ की असीम कृपा पाने का दिन है। इस दिन भक्तों की श्रद्धा और आस्था से प्रसन्न होकर भगवान शिव उनके समस्त दुःख, दर्द और रोगों को हर लेते हैं एवं सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।
*मेरी ओर से सभी भक्तों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ..*
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