बीकानेर

कल दिनांक 13 फरवरी को महाशिव रात्रि की पूजा का विधि विधान

दिनांक 13 फरवरी को महाशिव रात्रि हैं । जिसके उपलक्ष्य मे उपवास करना चाहिए तथा रात्रि को 4 बार दूध , दही , घृत और मधु से अभिषेक करना चाहिए । दूध से ज्ञान वर्द्धि , दही से नम्रता , घी से स्वास्थ्य तथा मधु से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती हैं । शिवरात्रि को अंजान मे अभिषेक करने से कल्याण की प्राप्ति होती हैं । इस दिन मानसिक पूजा अर्चना करने से हजार गुणा फल की प्राप्ति होती हैं । चार अभिषेक से काम , क्रोध , लोभ , मोह , आसुरी वर्ती का भी नाश होता हैं । ॐ आशुतोषाय नमः मंत्र से अभिषेक करने से भगवान् शंकर अति शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं । इस रात्रि को ह्रदय स्त्रोत का पाठ अति उत्तम हैं । क्योंकि भगवान् शंकर का शिवलिंग निर्गुण रूप हैं । इस निर्गुण रूप का प्राकट्य इसी दिन हुआ हैं । इसलिए महाशिव रात्रि कहलाती हैं । नशे का त्याग कर के भगवान् शंकर के प्रणव का जाप करना चाहिए । भगवान् शंकर पर भांग आदि चढ़ाकर पीने से महापाप लगता है । अतः भांग , जर्दा आदि लेकर भगवान् शंकर की पूजा ना करे ।
आफू खाय भांगी भसकावे , तामी अकल कंहाँ तै आवै ।
चढ़ता पित उतरता बाई , ताते गोरख भांगी न खाई ।
भगवान् शंकर के पांच मुख से प्रकट ॐ नमः शिवाय को बिल्व पत्र पर अलग अलग पतों पर लिखकर भगवान् शंकर पर चढ़ावे तो सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं ।
इन चारों पूजाओं से धर्म , अर्थ , काम , मोक्ष की प्राप्ति होती है ।
हरी ॐ तत्सत ।
*योगी प्रह्लाद नाथ विज्ञानी , बीकानेर ।*
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