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रहस्यमय तरीके से कैंसर की चपेट में आया हरियाणा का ये गांव, 60 घंटे में 7 लोगों की कैंसर से मौत

हरियाणा के एक ही गांव में रहस्यमय तरीके से 60 घंटों के अंदर एक के बाद एक 7 लोगों की कैंसर से मौत हो गई है। ये गांव फिरोजपुर झिरका उपमंडल का सबसे बड़ा गांव साकरस है। यहां कैंसर से पहली मौत 4 फरवरी को हुई थी, उसके बाद से अब तक 6 और लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि इस गांव में 3 साल के अंदर 40 लोग कैंसर के कारण मौत के आगोश में समा गए। वहीं अभी 3 और लोग अस्पतालों में कैंसर से जूझ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कैंसर कैसे और क्यों फैल रहा है, सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए।

ग्रामीणों का मानना है कि कैंसर की वजह यहां का अंडरग्राउंड वॉटर हो सकता है। यहां के ज्यादातर लोग हैंडपंप का पानी पीते हैं। गांव के महज 10 फीसदी घरों में जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल सप्लाई कर रहा है। ऐसे में संभावना है कि जमीन से निकलने वाले पानी में कोई खराबी है। साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि फसलों में अत्यधिक कीटनाशकों का प्रयोग भी कैंसर की वजह हो सकता है।

गांव के सरपंच फूलचंद ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि गांव का सरकारी स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़ा है। पल्स पोलियो अभियान, मिशन इंद्रधनुष या फिर कोई अन्य टीकाकरण अभियान चलता है, तब ही यह केंद्र खुलता है। कई बार इस सिलसिले में अधिकारियों को बताया जा चुका, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों में फैल रही बीमारी की ओर कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा। कैंसर के फैलने को लेकर स्वास्थ्य विभाग को पत्र भी लिख चुके।

साकरस के पूर्व सरपंच फकरुद्दीन बेसर ने अखबार को बताया कि यहां 3 साल में 40 लोगों की कैंसर से मौत के बाद भी आज तक कोई जांच नहीं की गई है। कोई भी सरकारी एजेंसी हरकत में नहीं आई। ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ली गई। लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं और शासन-प्रशासन ने किसी तरह की पहल तक नहीं की। कैंसर फैलने की वजह का पता चले तो लोगों को इस मुख्य कारण से दूरी बनाने को प्रेरित किया जा सकता है।

उधर, डीसी अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि कैंसर कोई आपदा नहीं, बीमारी है। इसके फैलने के कारणों की जांच के लिए गांव में टीम भेजी जाएगी। गांव के आसपास चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए मोबाइल मेडिकल वैन तैनात की जाएगी। वैन की तैनाती के लिए गुड़गांव व फरीदाबाद के बड़े अस्पतालों से बातचीत चल रही है। ग्रामीणों को कैंसर के खतरे से आगाह करने व इसके लक्षणों की जानकारी देने के लिए जागरूकता व जांच शिविर लगाया जाएगा। लोगों को शुरुआती स्टेज पर कैंसर का पता चल जाए तो उचित इलाज से उनकी जान बच सकती है।

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