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PM मोदी का 3 देशों का दौरा: ऊर्जा, सुरक्षा सहित ये 6 मुद्दे टॉप अजेंडे में है शामिल

नई दिल्ली। फिलस्तीन समेत तीन देशों की यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले जॉर्डन पहुंचे। यहां पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी जब एक होटल में भारतीय समुदाय के लोगों से मिले तो भारत माता की जय के नारे लगने शुरु हो गए। मोदी ने वहां पहुंचने के बाद ट्वीट किया, ‘हम अम्मान पहुंचे हैं। मैं सुगम उड़ान और व्यवस्था के लिए शाह अब्दुल्ला द्वितीय का बहुत शुक्रगुजार हूं। पीएम मोदी की आज से शुरू हो रही पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के तीन देशों की यात्रा के दौरान ऊर्जा, सुरक्षा, सहयोग, व्यापार, निवेश और आतंकरोधी कदम उनके अजेंडा में शीर्ष पर होंगे। जॉर्डन की राजधानी अम्मान से जब मोदी रमल्ला पहुंचेंगे तो वह फिलिस्तीन जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। मोदी के आगमन के पूर्व फिलिस्तीन के राष्ट्रपति की ओर से एक बयान में प्रधानमंत्री के इस दौरे को ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण बताया गया है।

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति मोहम्मद अब्बास के साथ यह मोदी की चौथी मुलाकात होगी। इससे पहले 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के समय, उसी साल बाद में पैरिस में जलवायु सम्मेलन के समय और पिछले साल अब्बास के भारत दौरे के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। प्रधानमंत्री का दौरा आरंभ होने से पूर्व विदेश मंत्रालय में पूर्व संयुक्त सचिव (पश्चिम एशिया व उत्तरी अफ्रीका) बी. बाला भास्कर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिलिस्तीन की यात्रा करने के चार आयाम हैं। पहला तो यह कि पहली बार भारत से कोई प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया के इस देश के दौरे पर जाएगा। दूसरा, भारत ने फिलिस्तीन को ढांचागत विकास, क्षमता निर्माण और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में भरपूर मदद की है।

भास्कर ने बताया कि 2015 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ऐतिहासिक यात्रा पर फिलिस्तीन जाने के बाद से तीन करोड़ डॉलर की परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा, इस यात्रा के दौरान स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, युवा मामले, खेल व कृषि के क्षेत्र में सहयोग समेत द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। भास्कर के मुताबिक, भारत की ओर से फिलिस्तीन को उनके मसलों पर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार समर्थन देना भी दौरे का एक अहम पहलू है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से यरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में एकतरफा मान्यता देने के मसले पर भारत ने दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में विपक्ष में मतदान किया था। पिछले साल जुलाई में मोदी के सिर्फ इजरायल की यात्रा करने के बाद इस बार वह सिर्फ फिलिस्तीन जा रहे हैं। फिलिस्तीन के दौरे के बाद मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अबू धाबी जाएंगे, जहां भारी तादाद में प्रवासी भारतीय रहते हैं।

अगस्त 2015 के बाद 10 फरवरी, 2018 को मोदी अबू आधी की अपनी दूसरी यात्रा पर होंगे। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (खाड़ी) मृदुल कुमार ने कहा कि मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और यूएई की सेना के डेप्युटी कमांडर शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नह्यन के साथ बातचीत करेंगे, जिसके बाद कई करार पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। अबू धाबी से मोदी दुबई जाएंगे, जहां वह वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के छठे शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन में भारत को विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। वह यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री व दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशीद अल मकतूम से मुलाकात करेंगे।

साथ ही, प्रधानमंत्री से खाड़ी देशों की प्रमुख कंपनियों के कुछ सीईओ भी यहां मुलाकात करेंगे। 2015 में मोदी के दौरे के समय भारत और यूएई के बीच व्यापक व रणनीतिक साझेदारी का रिश्ता कायम हुआ। कुमार ने बताया कि यूएई ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है और वह अब भारत के लिए महज तेल विक्रेता नहीं बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा में एक सहयोगी की भूमिका में है। यूएई भारत में पेट्रोलियम के सुरक्षित भंडार (रिजर्व) में पहला योगदान करने वाला देश है। यूएई ने भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की जरूरतों की पूर्ति के लिए कई बैठकें की हैं।

मृदुल कुमार ने बताया कि इन निवेशों में कम कीमतों वाले भवन निर्माण में 50 करोड़ का निवेश भी शामिल है। साथ ही, वे पत्तनों, लॉजिस्टक सेंटर व फूडपार्क पर भी उनकी निगाहें हैं। मोदी 11 फरवरी को दुबई से मस्कट जाएंगे और इस खाड़ी देश में दस साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह दौरा होगा। इससे पहले 2008 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मस्कट का दौरा किया था। यहां वह सीधे राजधानी ओमान के एक स्टेडियम में भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

ओमान में करीब आठ लाख प्रवासी भारतीय निवास करते हैं। इसके बाद वह सुल्तान काबूस बिन सईद अल सईद से बातचीत करेंगे, जो उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन करेंगे। 12 फरवरी को ओमान में प्रधानमंत्री से प्रमुख कंपनियों के सीईओ का एक दल मिलेगा। ओमान के दो उप प्रधानमंत्री सैयद फहाद और सैयद असद भी मोदी से मुलाकात करेंगे। मोदी यहां सुल्तान काबूस की अलीशान मस्जिद, अत्यंत प्राचीन शिव मंदिर भी जाएंगे।

 

 

 

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