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नाराज रेणुका को उपराष्ट्रपति ने कहा – ‘आप मुझसे कक्ष में मिलिए, सदन में नहीं’

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के सांसदों ने शुक्रवार को एक बार फिर अपने राज्य को विशेष दर्जे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। दूसरी ओर कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस पर चर्चा की मांग पर हंगामा किया। रिजिजू ने ट्विटर पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी को निशाना बनाया था।

हंगामे के कारण शुक्रवार को राज्यसभा अपरान्ह 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर तक स्थगित रहने के बाद जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई, सभापति एम. वेंकैया नायडू ने ओडिशा के सदस्य ए.वी.स्वामी के स्वास्थ्य के बारे में सूचना दी। स्वामी संसद परिसर में गिर गए थे।

तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओ’ ब्रायन ने आसन से प्रश्नकाल को छोड़कर बजट पर चर्चा जारी रखने का आग्रह किया।

सदन की भावना को ध्यान में रखते हुए नायडू ने समाजवादी पार्टी के सदस्य नीरज शेखर से अपना भाषण जारी रखने को कहा।

लेकिन, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सी. एम. रमेश सहित आंध्र प्रदेश के सदस्य व कांग्रेस के के. वी. पी. रामचंद्र राव सभापति के आसन के सामने आ गए और राज्य के विशेष दर्जे के मुद्दे को लेकर नारेबाजी करने लगे।

कांग्रेस की सदस्य रेणुका चौधरी ने भी सभापति से गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के खिलाफ अपने विशेषाधिकार नोटिस के बारे में जानना चाहा।

इसका जवाब देते हुए नायडू ने कहा, “आप मुझसे कक्ष में मिलिए, सदन में नहीं। लेकिन, चौधरी व दूसरे कांग्रेस सदस्यों ने अपनी मांग जारी रखी।”

इस पर नायडू ने कहा, “मुझे नोटिस को देखने दीजिए। इसके बाद मैं फैसला करूंगा।”

लेकिन, हंगामा जारी रहा और सभापति ने सदन को अपरान्ह 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

रिजिजू ने गुरुवार को रामानंद सागर के टीवी धारावाहिक रामायण से पौराणिक चरित्र शूर्पणखा का वीडियो पोस्ट किया था। ऐसा रिजिजू ने शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर उत्तर देते हुए रेणुका चौधरी की हंसी पर किए गए कटाक्ष को लेकर किया था।

इससे पहले नायडू ने सदन को तेदेपा के सदस्यों के हंगामे की वजह से दोपहर तक के लिए स्थगित किया था।

जैसे ही सुबह सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सभापति एम.वेंकैया नायडू ने विधायी कामकाज शुरू किया और सांसदों को शून्यकाल में मुद्दे उठाने को कहा।

आंध्र प्रदेश के सदस्यों का समूह सभापति के आसन के पास एकत्र हो गया और नारेबाजी शुरू कर दी।

सांसद सी.एम.रमेश सहित अन्य सांसदों को ‘हमें न्याय चाहिए’ कहते सुना गया।

नायडू ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर जाने का आग्रह किया लेकिन उनका विरोध जारी रहा।

नायडू ने कहा कि वह हंगामे के बीच सदन का संचालन नहीं कर सकते और इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले, तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास नारेबाजी करते हुए आंध्र प्रदेश के लिए ‘न्याय’ की मांग की।

बजट सत्र के पहले चरण का शुक्रवार को आखिरी दिन है। इसके बाद बजट सत्र पांच मार्च को शुरू होगा और 6 अप्रैल को समाप्त होगा।

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