जयपुर

करौली में गौरव पथ निर्माण के लिए 250 लाख रुपए मंजूर : कृपलानी

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गत बजट घोषणा के अंतर्गत ग्रामीण गौरव पथ की तर्ज पर शहरों को सुंदर बनाने के लिए प्रत्येक नगरीय निकाय क्षेत्र में गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की थी। इसी बजट घोषणा की अनुपालना में नगर परिषद क्षेत्र करौली में गौरव पथ निर्माण के लिए 250 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। इस कार्य के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग करौली को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया।

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी मंगलवार को विधानसभा में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नगर परिषद करौली क्षेत्र में गौरव पथ पर अतिक्रमण से पूर्व चौड़ाई भिन्न-भिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न थी। यह चौड़ाई 18 फीट से 40 फीट तक थी।

उन्होंने कहा कि नगर परिषद करौली द्वारा गौरव-पथ पर अतिक्रमियों को दिनांक 15 मई 2017 को नोटिस जारी किए गए और 18 मई, 2017 को सार्वजनिक सूचना गुलाबबाग नीर एंड नाइट होटल से लक्ष्मी पैलेस चौराहा होते हुए हिण्डौन गेट तक गौरव-पथ पर अतिक्रमण को राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 194/245 के तहत ध्वस्त किए जाने की प्रकाशित की गई। उन्होंने बताया कि यह सार्वजनिक सूचना 18 मई, 2017 को दैनिक भास्कर के अंक में एवं 26 मई, 2017 को राजस्थान पत्रिका के अंक में प्रकाशित करवाया गया था। कृपलानी ने बताया कि नगर परिषद मण्डल करौली के बोर्ड प्रस्ताव 26 मई, 2017 में पारित निर्णय अनुसार गौरव-पथ पर कुल 60 अतिक्रमणों को हटाया गया।

स्वायत्त शासन मंत्री ने बताया कि नगर परिषद करौली में गौरव-पथ पर तोड़े गए दुकान/मकानों के विरुद्ध किसी भी व्यक्ति द्वारा मुआवजा राशि की मांग नहीं की गई है। गौरव-पथ पर हटाए गए अतिक्रमणों में से 20 व्यक्तियों ने सेशन न्यायालय करौली में वाद दायर किया, जो वर्तमान में जेरकार है। उन्होंने बताया कि गौरव-पथ से हटाए गए अतिक्रमणों के बाद वर्तमान में 40 फीट रोड मौके पर विद्यमान है। इस कार्य के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 170.00 लाख रुपए व्यय कर वर्तमान में मौके पर सीसी/डामर रोड का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। कृपलानी ने बताया कि गौरव-पथ करौली शहर के प्रवेश का मुख्य रास्ता है। साथ ही प्रसिद्ध मदमोहन मंदिर का भी रास्ता है। इस पथ के निर्माण से वर्तमान में यातायात व आवागमन सुचारु एवं सुव्यवस्थित हुआ है।

विधायक दर्शन सिंह के मूल प्रश्न के जवाब में कृपलानी ने बताया कि नगर परिषद करौली द्वारा गत 6 माह पूर्व गौरव पथ निर्माण के लिए सड़क सीमा की भूमि से नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 194/245 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए नियमानुसार अतिक्रमण हटाया था। उन्होंने बताया कि इस धारा के अन्तर्गत किसी भी अतिक्रमी को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है।

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