राजस्थान

राजस्थान सरकार का करीब 100 करोड़ रुपयों का घोटाला?

राजस्थान में वसुंधरा राजे की सरकार घिरती जा रही है। भाजपा की राज्य सरकार पर पिछले कई सालों में घोटालों के आरोप लगते आ रहे हैं। इन घोटालों की लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। इससे पहले नर्सिंग कॉलेज और मूंग खरीद जैसे मामलों में सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। डॉक्टरों के हड़ताल और इसके बाद मरीज़ों के मारे जाने के बाद राजस्थान सरकार ऐसे भी विवादों के घेरे में है।

नया मामला

राजस्थान पत्रिका में छपी रिपोर्ट की मानें तो आईटीआई से संबंधित इस मामले में कहा जा रहा है कि 100 करोड़ तक की छात्रवृत्ति ऐसे छात्रों में बांट दी गई जो कि सेमेस्टर भी पास नहीं कर पाए हैं। इस मामले का खुलासा तब से ही होने लगा था जब नवम्बर 2017 में अधिकारियों ने आईटीआई का निरीक्षण किया था। पता चला कि ज़्यादातर कक्षा में छात्र उपस्थित ही नहीं हैं और उनकी उपस्थित दर्ज कराई जा रही है। इसके बाद पास होने वाले छात्रों की लिस्ट मंगाई गई तो पता चला कि ज़्यादातर छात्र पास ही नहीं हो पाए हैं।

घोटाला कैसे हो सकता है ?

सरकार आईटीआई में पढ़ने वाले पिछड़े वर्ग के छात्रों को प्रति छात्र 13,500 रुपये फीस भरने के लिए दे रही है।

इसे छात्रवृत्ति के तौर पर दिया जा रहा है। अब ऐसे छात्रों को भी छात्रवृत्ति देने की भी बात हो रही है जो कि सेमेस्टर में पास ही नहीं हो पाए। दो सालों में 62553 छात्र फेल हुए हैं। इस हिसाब से फेल हुए 62553 छात्रों को भी लगभग 85 करोड़ की छात्रवृत्ति सरकार के हिसाब से दी गई है।

सवाल ये है कि जब वो सेमेस्टर में पास ही नही हुए और उन्होंने अगले सेमेस्टर में एडमिशन ही नहीं लिया तो ये छात्रवृत्ति उन्हें कैसे दे दी गई?

इन्हें दी जाती है छात्रवृत्ति

मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा, उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत राज्य के मूल निवासियों के अनुसूचित जाति, जनजाति, विशेष समूह योजना, अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त, घुमंतु और अर्द्धघुमनतु वर्ग के गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है।

नया मामला

राजस्थान पत्रिका में छपी रिपोर्ट की मानें तो आईटीआई से संबंधित इस मामले में कहा जा रहा है कि 100 करोड़ तक की छात्रवृत्ति ऐसे छात्रों में बांट दी गई जो कि सेमेस्टर भी पास नहीं कर पाए हैं। इस मामले का खुलासा तब से ही होने लगा था जब नवम्बर 2017 में अधिकारियों ने आईटीआई का निरीक्षण किया था। पता चला कि ज़्यादातर कक्षा में छात्र उपस्थित ही नहीं हैं और उनकी उपस्थित दर्ज कराई जा रही है।

इसके बाद पास होने वाले छात्रों की लिस्ट मंगाई गई तो पता चला कि ज़्यादातर छात्र पास ही नहीं हो पाए हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



Most Popular

To Top