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जेटली ने क्रिसिडेक्स लांच किया, एमएसएमई को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को क्रिसिल तथा सिडबी के संयुक्त प्रयास से विकसित भारत का पहला एमएसई संवेदी सूचकांक क्रिसिडेक्स लांच किया। इस मौके पर वित्तमंत्री ने एमएसएमई सेक्टर को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ करार देते हुए कहा कि इसमें रोजगार की अपार संभावना है।

जेटली ने कहा कि पिछले दो साल में सरकार की ओर से ढांचागत सुधार को लेकर उठाए गए श्रंखलाबद्ध कदमों से अर्थव्यवस्था में मजबूती आई है।

उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु व मझौले उद्यमों (एमएसएमई) क्षेत्र के विकास से अर्थव्यवस्था में और मजबूती आएगी।

उन्होंने कहा “मैं इस सूचकांक को बहुत महत्वपूर्ण मानता हूं क्योंकि इससे आंकड़े व रुझान प्रदर्शित होंगे।

इस मौके पर पर , वित्तीय सेवा विभाग के सचिव राजीव कुमार और आर्थिक मामले विभाग के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग भी

एमएसएमई मंत्रालय के सचिव अरुण कुमार पांडा ने कहा कि क्रिसिडेक्स की यह लांचिंग सही समय पर हो रही है जब एमएसएमई क्षेत्र में तीव्र विकास की उम्मीद की जा रही है। इस क्षेत्र में रोजगार सृजन की काफी संभावनाएं हैं और आगे यह देश के विकास में अग्रणी की भूमिका अदा कर सकता है।

उन्होंने बताया कि एनएसओ की रिपोर्ट के मुताबिक आज देश में 6.3 करोड़ एमएसएमई क्षेत्र की इकाइयां हैं जो औपचारिक रूप से व्यवस्था का हिस्सा बन गई है। इस क्षेत्र में बने कल-पुर्जे तेजस एयरक्राफ्ट से लेकर चरखा तक में इस्तेमाल किए जाते हैं। आज जीएसटीएन के तहत हुए एक करोड़ पंजीकरण में 95 फीसदी एमएमएमई क्षेत्र के उद्यम हैं।

क्रिसिडेक्स आठ मानकों के सूचकों के आधार पर तैयार किया गया एक संयोजित सूचकांक है और इसमें एमएसई व्यवसाय के रुझान को शून्य से 200 अंकों के पैमाने पर मापा जाता है।

इस सूचकांक के आधार पर तैयार की गई पहली रिपोर्ट शनिवार को जारी की गई जिसमें 1,100 एमएसई की ओर से मिली गुणात्मक प्रतिक्रियाएं शामिल हैं। इसमें 550 विनिर्माण क्षेत्र की इकाइयां हैं जबकि 550 सेवा क्षेत्र से जुड़ी हैं।

क्रिसिडेक्स लांच के अवसर पर क्रिसिल की प्रबंध निदेशक व सीईओ आशु सुयश ने कहा कि पहली रिपोर्ट में क्रिसिडेक्स 107 पर है, जोकि मौजूदा वित्त वर्ष की तिसरी तिमाही में सकारात्मक रुझान का संकेत है। उन्होंने अंतिम तिमाही में बेहतर संवेदी सूचकांक रहने की उम्मीद जताई।

वित्तमंत्री ने इस बजट में 250 करोड़ रुपये तक सालाना कारोबार वाली कंपनियों पर निगम कर 25 फीसदी रखा है। इससे एमएसएमई क्षेत्र को फायदा मिला है।

बजट में एमएमएमई क्षेत्र के लिए 3794 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिसमें क्रेडिट सपोर्ट पूंजी व ब्याज सब्सिडी पर होने वाले खर्च शामिल हैं।

सिडबी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि सिडबी क्रिसिडेक्स में जमीनी प्रवृत्तियों का रुझान मिलता है।

उन्होंने कहा, “शून्य से 100 के नीचे संवेदी सूचकांक नकारात्म प्रवृत्ति को प्रदर्शित करता है जबकि 100 से ऊपर का सूचकांक सकात्मक प्रवृत्ति का द्योतक है। वहीं 200 अंक उत्तम प्रवृत्ति का परिचायक है।”

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