क्राइम

प्रेमिका ने ब्वॉयफ्रेंड से कहा- प्यार पाना है तो पति को मार डालो, इसके बाद…

उम्र में अपने छोटे पड़ोसी प्रेमी से विवाहिता ने कहा अब और प्यार पाना है तो पति की हत्या करनी होगी या ​दूर होना होगा। इसके बाद नाजायज संबंधों में पागल हुए प्रेमी ने दो साथियों के साथ मिलकर प्रेमिका के ​पति की हत्या कर लाश कुएं में फेंक दी।

आखिर सात महीने पहले हुई इस हत्या का राज कल खुला। यह मामला राजस्थान के पाली जिले में गिरी सेंदड़ा का है। यहां के गिरी गांव में रहने वाला बद्रीराम नायक उम्र 40 साल पिछले साल 28 जून से लापता था। बद्रीराम का शव कल गांव के पास एक कुएं में मिला।

पुलिस ने हत्या का पर्दाफाश कर वारदात में शामिल आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पाली पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी संगीता उम्र 32 साल पत्नी मृतक ब्रदीराम नायक, आरोपी नेमाराम माली उम्र 28 साल और नेमाराम के दो साथी बगदाराम व सुखा काठात है। ये सभी गिरी गांव के रहने वाले है।पति ने टोका, फिर भी प्रेमी से मिलती थी पत्नी

पुलिस के मुताबिक, मृतक बद्रीराम नायक के चाचा मांगीलाल के कोई संतान नहीं थी और वह 2011 से ही आरोपी नेमाराम माली, मांगीलाल नायक के पास रहता था। वह गांव में खेती के साथ लाइट डेकोरेशन की दुकान करता था।

बद्रीराम के पडोस में रहने से नेमाराम का उसके घर आना जाना था। इसी बीच नेमाराम के बद्रीराम नायक की पत्नी संगीता से नजदीकियां बढ़ गई और उनके बीच नाजायज संबंध बन गए। बद्रीराम के शराबी होने व बेरोजगार होने से नेमाराम ही अपनी प्रेमिका संगीता का घर खर्च भी उठाता था। करीब 6 माह पहले बद्रीराम को पत्नी व पड़ोसी के अवैध संबंधों की भनक लग गई।

इस पर नेमाराम को टोका और उसके घर पर आने तथा पत्नी से बोलचाल पर पांबदी लगा दी। तब संगीता और नेमाराम चोरी-छिपे रात को मिलने लगे। अवैध संबंधों में बाधक बनने पर संगीता ने पति की हत्या की साजिश रची। उसने प्रेमी नेमाराम माली पर दबाव डालते हुए कहा कि उसे और प्यार पाना है तो पति की हत्या करनी होगी।

इस तरह दिया वारदात को अंजाम

उसने नेमाराम को यह भी धमकी दी कि यदि उसने बद्रीराम को रास्ते से नहीं हटाया तो वह खुदकुशी कर लेगी और नेमाराम को मरवा देगी। तब नेमाराम ने गांव के ही दो परिचितों के साथ मिलकर बद्रीराम की हत्या की साजिश रची। इनमें एक आरोपी बगराराम भी बद्रीराम से नाराज चल रहा था।

सेंदड़ा एसएचओ विष्णुदत्त राजपुरोहित ने बताया कि 27 जून की रात को नेमाराम ने शराब पिलाने के बहाने गांव के पास एक कुएं पर ले गया। जहां मौका पाकर नेमाराम ने गमझे से बद्रीराम का गला घोंट दिया। जबकि बगदाराम व सुखा काठात ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए। हत्या के बाद बद्रीराम की लाश को कुएं में फेंक दिया। तब 28 जून से बद्रीराम को पुलिस लापता मान रही थी।

पुलिस को संदेह हुआ, लेकिन ऐसा कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार, कल शव को निकाला गया। पूछताछ के लिए पुलिस ने संगीता, नेमाराम और अन्य आरोपियों को धरदबोचा।

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