बीकानेर

बीकानेर रेलवे के डीआरएम दूबे की विशेष रुचि से प्राचीनतम घड़ी पुन: शुरु…

बीकानेर, (छोटीकाशी डॉट कॉम ब्यूरो)। उत्तर-पश्चिम रेलवे के रुट किलोमीटर के हिसाब से देश के सबसे बड़े बीकानेर रेलवे मंडल प्रबंधक दफ्तर में प्रकोष्ठ पर अत्यन्त प्राचीन मैकेनिकल घंटाघर घड़ी लगी है। यह भारत में विभिन्न स्थानों पर लगी प्राचीनतम घडिय़ों में से एक है। पुराने समय में घंटाघर के नाम से प्रचलित ये घडिय़ां आसपास के क्षेत्र में अपने हर घंटे की ध्वनि से समय व चेतनता का आभास कराती थी। रेलवे मंडल कार्यालय पर लगी ये घंटाघर घड़ी विगत कई वर्षों से खराब थी तथा इसके पुर्जे बडी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थे। डीआरएम दफ्तर के सीनियर डीसीएम सी.आर.कुमावत ने बताया कि डीआरएम ए.के.दूबे की प्राचीन कला तथा वस्तुओं में विशेष रुचि होने के कारण उन्होंने इस घंटाघर घड़ी को टीक कराने का निर्णय लिया। इस घड़ी के पुर्जों के लिए पूरे भारतीय रेलवे एवं अन्यंत्र संस्थायनों से इस घड़ी के लिए पुर्जे तलाशे गए तथा इन पुर्जों से सामंजस्य बनाते हुए इस प्राचीनतम घडी को पुन: संचालित किया गया। अब ये घड़ी अपने मूलस्वनरूप में अपनी प्राचीन घंटा ध्वुनि से आसपास के नागरिकों को फि र से समय का आभास कराएगी।

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