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इस दिग्गज क्रिकेटर के सामने सचिन ने भी मानी थी हार, स्टारडम के नशे में खत्म हो गया था करियर

कांबली देश के दिग्गज क्रिकेटरों में से एक हैं। लेकिन अपनी क्रिकेट करियर की लंबी पारी नहीं खेल पाएं। बता दें कि केवल 17 टेस्ट मैच और 104 वनडे के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया। विनोद कांबली के पिता भी मैकेनिक के साथ-साथ एक बेहतरीन क्रिकेटर थें। कांबली के पिता मुंबई क्लब सर्कल में एक क्रिकेटर भी थे। वह तेज गेंदबाज थे। विनोद कांबली का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। उनका परिवार मुंबई के एक उपनगर कांजुर्मर्ग, में एक चॉल में रहा करता था।

बता दें कि विनोद कांबली ने 21 साल की उम्र में अपना पहला टेस्ट खेला था। दिग्गज स्पिनर शेन वार्न के एक ओवर में उन्होंने 22 रन ठोक दिए थे, लेकिन 23 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी टेस्ट खेला और टीम में वापसी के रास्ते बंद हो गए। रणजी के पहले ही मैच में विनोद ने मैच की पहली गेंद पर छक्का लगा दिया था।

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टेस्ट मैचों में वह सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। शुरुआती सात टेस्ट मैचों में दो दोहरे शतक के साथ उन्होंने कुल चार शतक जड़े। ऐसा माना जाता है कि कांबली के टीम इंडिया से बाहर होने के पीछे उनकी परफॉर्मेंस नहीं बल्कि उनका खराब एटीट्यूड था। विनोद कांबली पर शराब के नशे में धुत होकर बहस करने और बैट पर जरूरत से ज्यादा रबर ग्रिप चढ़ाने के भी आरोप लगे थे।

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गौरतलब है कि, कांबली क्रिकेट जगत के मास्टर बलास्टर सचिन तेंदुलकर के बेहद करीब है वे दोनों एक दूसरे के अच्छे दोस्त भी है। विनोद कांबली का भाग्य ने कभी साथ नहीं दिया। हम उम्र होने और बेहद प्रतिभाशाली होने के बावजूद तेंदुलकर रणजी में गुजरात के खिलाफ मुंबई की ओर से, 1988 में डेब्यू कर रहे थे, लेकिन कांबली को उसके लिए एक साल और प्रतीक्षा करनी थी। 1989 में जब तेंदुलकर पाकिस्तान के घातक आक्रमण को बतौर टेस्ट खिलाड़ी खेल रहे थे तो विनोद कांबली अंडर-19 यूथ कप में खेल रहे थे। सौरव गांगुली, रंजीब बिस्वाल, अजय जडेजा, ध्रुव पांडव और आशीष कपूर उसके साथी थे।

कांबली ने क्रिकेट दुनिया को अलविदा कहने के बाद बॉलीवुड दुनिया में अपने कदम रखे। वह 2002 में सुनील शेट्टी स्टारर ‘अनर्थ’ फिल्म के जरिये बॉलीवुड में आये। इसके बाद वह 2009 में अजय जडेजा के साथ ‘पल-पल दिल के साथ’ फिल्म में दिखाई दिए, लेकिन बॉलीवुड में भी उनका करियर क्रिकट की तरह शुरू होते ही खत्म हो गया। वर्तमान में वो विभिन्न टेलीविजन चैनलों पर क्रिकेट विशेषज्ञ के रूप में दिखाई देते हैं।

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