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महंगाई की मार : सब्जियों और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से आम आदमी बेहाल

महंगाई की मार फिर इस बार लोगों को परेशान कर रही है. दिसंबर में रिटेल महंगाई दर यानि सीपीआई बढ़कर 5.21 फीसदी पर पहुंच गई है. वहीं, नवबंर में रिटेल महंगाई दर 4.88 फीसदी रही थी.

महंगाई की दर में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की वजह सब्जियों और पेट्रोल-डीजल के उछलते दाम हैं. कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है और इससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं. दिल्ली में डीजल 60 रुपए लीटर से ज्यादा है जो शिखर पर है.

टमाटर प्याज ने बढ़ाए दाम : शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक रिटेल महंगाई दर तीन महीनों से लगातार बढ़ रही है. अक्टूबर में 3.58 परसेंट फिर नवंबर में 4.88 परसेंट और अब पहुंच गई है 5.2 परसेंट. सब्जियों के दाम में लगातार उछाल, खासतौर पर प्याज और टमाटर के दाम जुलाई के बाद लगातार ऊंचे स्तर पर हैं.

जनवरी के अंत तक गिर जाएंगे दाम : आपको बता दें कि जुलाई ऐसा महीना था जब महंगाई दर सबसे निचले स्तर पर थी. उम्मीद की जा रही है कि जनवरी के अंत तक टमाटर और मार्च तक प्याज की नई फसल आने से दोनों के दाम नीचे गिर जाएंगे.

इन चीजों पर इतने फीसदी हुआ बदलाव : महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में दालों की महंगाई दर 23.53 फीसदी के मुकाबले 23.47 फीसदी रही है. दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 22.48 फीसदी से बढ़कर 29.13 फीसदी पर रही है. हालांकि फ्यूल, बिजली की महंगाई दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है. महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में फ्यूल, बिजली की महंगाई दर 7.9 फीसदी पर बरकरार रही है. महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में कपड़ों और जूतों की महंगाई दर 4.96 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी रही है.

इंडस्ट्री की रफ्तार 19 माह में सबसे ऊपर : लेकिन फैक्ट्रियों के पहियों में तेज रफ्तार रही है. नवंबर में इंडस्ट्री की तेजी 8.4 परसेंट रही है जो 19 महीनों में सबसे ज्यादा है. नवंबर में मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े बहुत से आंकड़ों में अच्छी तेजी नजर आई थी और आईआईपी के आंकड़ों में वही नजर आ रहा है.

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