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कोहली से पहले ही दिन हो गई दो-दो बड़ी गलतियां, टीम इंडिया को पड़ सकती हैं भारी

सेंचुरियन, अभिषेक त्रिपाठी। केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम की घसियाली पिच ने भारतीय टीम प्रबंधन के दिलो-दिमाग पर ऐसा हौव्वा पैदा कर दिया कि सेंचुरियन के सुपर स्पोर्ट्स पार्क की सूखी पिच पर भी वे तीन तेज गेंदबाज, एक तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर और सिर्फ एक स्पिनर के साथ ही उतरे। मैच शुरू होने के एक दिन पहले ही यहां की पिच पूरी तरह से सूखी नजर आ रही थी और पहले सत्र में ही उसमें थोड़ा टर्न भी मिला। भारतीय कप्तान विराट कोहली, कोच रवि शास्त्री, मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद के अलावा सहयोगी स्टाफ और टीम के अन्य सदस्यों ने इसको खूब निहारा भी था। लेकिन इसके बाद भी कोहली एंड कंपनी दो-दो बड़ी गलतियां कर बैठी। पहले तो कोहली पिच को पढ़ने में चूक गए। दूसरा उन्होंने पिच को न पढ़ पाने के चलते टीम में सिर्फ एक ही स्पिन गेंदबाज़ को मौका दिया।

सेंचुरियन के पिच क्यूरेटर ने इस पर हरी घास छोड़ी थी लेकिन पिछले कई दिनों से 32 डिग्री सेल्सियस के तापमान और तमतमाते सूरज ने उसे पूरी तरह झुलसाकर भूरा कर दिया। कुल मिलाकर दूसरे टेस्ट के पहले दिन शनिवार को यहां का मौसम, पिच और माहौल पूरी तरह से भारतीय था लेकिन अक्सर ऐसी परिस्थितियों में तीन स्पिनर लेकर उतरने वाली टीम इंडिया तीन मैचों की सीरीज में 0-1 से पीछे होने के कारण सबकुछ अपने अनुकूल होने के बावजूद दो स्पिनर खिलाने की भी हिम्मत नहीं दिखा पाई। टीम में चार तेज गेंदबाजों के होते हुए ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सबसे ज्यादा 31 ओवर फेंकते हुए सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके।

वहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 18, मुहम्मद शमी ने 11, इशांत शर्मा ने 16 और हार्दिक पांड्या ने 14 ओवर फेंके लेकिन सिर्फ इशांत को एक विकेट मिला।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने एक समय तीन विकेट पर 246 रन बना लिए थे लेकिन आखिरी घंटे में गिरे तीन विकेट ने उसका स्कोर छह विकेट पर 269 रन कर दिया है। अगर भारत अश्विन के साथ दूसरे स्पिनर रवींद्र जडेजा को अंतिम एकादश में रखती तो निश्चित ही भारतीय परिस्थितियों में मेजबानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता।

पिच को पढ़ने से चूक गए विराट

शुक्रवार को कप्तान कोहली ने कहा था कि यह पिच भी न्यूलैंड्स की तरह जीवित नजर आ रही है लेकिन शनिवार को ऐसा कुछ नहीं हुआ क्योंकि उनके चार तेज गेंदबाजों में से सिर्फ इशांत ही पहले दिन गिरे छह में से एक विकेट ले सके। वह भी एबी डिविलियर्स के बल्ले से लगकर गेंद विकेट पर गई। इस मैच के लिए विराट ने अंतिम एकादश में तीन परिवर्तन किए थे।

उन्होंने ओपनर शिखर धवन की जगह केएल राहुल, विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा की जगह पार्थिव और पिछले मैच के सबसे सफल गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की जगह इशांत को रखा। पिछले मैच में भारत के तेज गेंदबाजों ने पहले दिन के पहले सत्र में सिर्फ 12 रन पर ही तीन विकेट हासिल कर लिए थे लेकिन यहां उन्हें पहले सत्र में कोई विकेट ही नहीं मिला। निश्चित तौर पर विराट इस पिच को पढ़ने से चूक गए। नई गेंद से गेंदबाजी करने उतरे बुमराह और शमी कुछ नहीं कर सके।

शमी ने तो अपने पहले स्पेल में चार ओवर में 5.75 के रनरेट से 23 रन खर्चे। वह लगातार हॉफ वॉली फेंक रहे थे और मार्करैम चौके जड़ रहे थे।

अश्विन और पांड्या ने किया कमाल

चारों तेज गेंदबाजों के हाल और पिच को देखकर 20वें ओवर में ही विराट ने अश्विन को लगा दिया। मेजबानों ने पहले सत्र में बिना विकेट खोए 78 रन बनाए। विराट पहले सत्र में अश्विन से कह रहे थे कि लेंथ आगे रख ये डिफेंस नहीं कर पाएंगे।

लंच के बाद कोहली ने इशांत और अश्विन को लगाए रखा और इसका फायदा भी मिला जब 30वें ओवर में ही एल्गर (31) आगे निकलकर खेलने के चक्कर में मुरली विजय को कैच दे बैठे। इसी के साथ पहली पारी के लिए 85 रनों की साझेदारी का अंत हुआ। विजय ने शानदार कैच लपका। इसके बाद ओपनर मार्करैम (94) और हाशिम अमला (82) ने खेल को आगे बढ़ाया।

दोनों ही आराम से खेल रहे थे लेकिन 148 के कुल योग पर अश्विन ने खतरनाक दिख रहे मार्करैम को चलता कर दिया। मार्करैम ने रिव्यू लिया लेकिन अल्ट्रा एज में पता चल रहा था कि गेंद उनके बल्ले से लगी है। वह एक बार फिर शतक से चूक गए। इसके बाद अमला और कप्तान फाफ डु प्लेसिस (नाबाद 24) ने स्कोर को आगे बढ़ाया लेकिन पांड्या ने शानदार रनआउट कर हाशिम को पवेलियन पहुंचा दिया।

गेंदबाजी कर रहे पांड्या दौड़कर आगे की तरफ आए और पलटकर गेंदबाजी छोर की तरफ सीधा थ्रो फेंककर स्टंप उखाड़ दिया। अमला को लगा कि पांड्या बल्लेबाजी छोर पर गेंद फेंकेंगे लेकिन पांड्या उनके दिमाग से खेल गए। इसके अगले ओवर की पहली ही गेंद पर अश्विन ने क्विंटन डि कॉक (00) को स्लिप पर लपकवाकर भारत को फिर से मैच में वापस ला दिया। इसके अगले ओवर में पांड्या ने फिलेंडर (00) को रनआउट करके दक्षिण अफ्रीका को बैकफुट पर ढकेल दिया।

फिलेंडर को यह रन लेना ही नहीं चाहिए था लेकिन ऐसा लगा कि वह दबाव में आ गए और दूसरे छोर पर फाफ के मना करने के बावजूद पिच पर दौड़ने लगे। दक्षिण अफ्रीका ने छह रन पर आखिरी तीन विकेट गंवाए।

दो कैच छोड़े

अच्छी बल्लेबाजी के लिए टीम में शामिल किए गए विकेटकीपर पार्थिव ने अमला का कैच छोड़ा। इशांत की गेंद लेग स्टंप की तरफ से अमला के बल्ले से लगकर पीछे की तरफ आई लेकिन पार्थिव बेहद खराब तरीके से डाइव लगाकर उसे नहीं लपक पाए। अमला इस समय सिर्फ 30 रन पर थे।

इसके अलावा 86वें ओवर में लेग स्लिप पर खड़े केएल राहुल के पास केशव महाराज का कैच लपकने का मौका था।

केशव हो सकते हैं उपयोगी

द.अफ्रीकी कप्तान फाफ ने भी अंतिम एकादश में चार तेज गेंदबाज और एक स्पिनर रखा है। उन्होंने पिछले मैच के तेज गेंदबाज वर्नोन फिलेंडर, कैगिसो रबादा और मोर्नी मोर्केल को बरकरार रखने के साथ लोकल गेंदबाज लुंगी नगदी को शामिल किया है। डेल स्टेन के चोटिल होने के कारण 21 वर्षीय लुंगी को मौका मिला है। उनकी टीम में स्पिनर शामिल एकमात्र स्पिनर केशव महाराज उनके लिए यहां तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।

जिस तरह अश्विन ने भारत के लिए कमाल किया है उसी तरह भारतीय मूल के केशव इस मैच में दक्षिण अफ्रीका को बचा सकते हैं।

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