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प्रेस रिव्यू : भारत-पाक के एनएसए कर रहे हैं चुपके-चुपके मुलाकात?

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और उनके पाकिस्तानी समकक्ष जनरल (रिटा.) नसीर जंजुआ लगातार मुलाकात कर रहे हैं और फोन पर बात कर रहे हैं. हालांकि, इसकी कभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है.

द हिंदू अख़बार ने दिल्ली और इस्लामाबाद के अपने सूत्रों के हवाले से ख़बर छापी है कि इन दोनों के बीच बैंकॉक में तीन और रूस में अब तक एक बैठक हो चुकी है.

सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा सलाहकारों की बैठक बैंकॉक में लगातार इसलिए हुई है क्योंकि यह दोनों देशों की विमान सेवाओं के लिहाज़ से मुफ़ीद जगह है और वह दोनों ‘लगातार’ फोन पर बात कर रहे हैं.

25-26 मई 2017 को रूस में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन के इतर भी दोनों के बीच बातचीत हुई है. साथ ही दावोस में 22-23 जनवरी को होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से इतर भी दोनों देशों के एनएसए या विदेश मंत्रालय के अफ़सर मुलाकात कर सकते हैं.

‘बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं’

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के काम पर 4 वरिष्ठ जजों द्वारा खुलेआम बोलने के बाद इनमें से एक न्यायाधीश जस्टिस कूरियन जोज़ेफ़ ने कहा है कि इस मामले को सुलझाने के लिए ‘बाहरी हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है.’

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार, जोज़ेफ़ ने कहा है कि यह मामला संस्था के भीतर का है इसलिए इसमें बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है और इसको सुलझाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

वहीं, एक दूसरे न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले के संबंध में कहा है कि कोई संकट नहीं है.

छात्र जानेंगे इंटरनेट के ख़तरे?

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि छात्रों को स्कूल पाठ्यक्रम में इंटरनेट की लत के नुकसान और साइबर नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए. मंत्रालय ने इसको लेकर एक खाका भी तैयार किया है.

हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के अनुसार, महिला बाल विकास और मानव संसाधन विकास मंत्रालय सोमवार को इस पर बैठक करने जा रहा है जिस पर इंटरनेट से पड़ने वाले बच्चों पर तमाम ख़तरों से संबंधित प्रस्तावित अन्य उपायों की चर्चा की जाएगी.

दोनों मंत्रालयों के अफ़सरों के अलावा सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री समेत दूसरे केंद्रीय मंत्री भी इसमें मौजूद रहेंगे.

‘महानता के लिए अनुशासन आवश्यक’

न्यायपालिका में लोकतंत्र पर सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायधीशों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शनिवार को वडोदरा में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि जो भी कक्षा या सुप्रीम कोर्ट अनुशासनहीन होगा वह महानता की ख़्वाहिश नहीं कर सकता है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उन्होंने कहा कि “हमें भारत को ऐसा देश बनाना है जहां एकजुटता हो, शांति हो लेकिन सबसे महत्वपूर्ण वह अनुशासित हो.”

उन्होंने आगे कहा कि एक समाज के लिए अच्छा है कि वह अनुशासन को आत्मसात कर ले. माधव ने कहा कि एक अनुशासित पुरुष को भी एक समय पर फुसलाया जा सकता है, अनुशासन कक्षा और सुप्रीम कोर्ट या आप जहां हो हर जगह आवश्यक है.

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