घटना

बेटे को बचाने थाने पहुंचे सांसद, थानेदार ने कहा- वर्दी का फर्ज नहीं बेच सकता, नौकरी छोड़ रहा हूं

यह देखकर गुस्साया दरोगा बाइक से उतरा और सांसद पुत्र को थप्पड़ मारे। इसकी जानकारी होने पर सांसद के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई। थोड़ी ही देर बाद सैकड़ों भाजपाइयों ने थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान अपर एसपी से प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक हुई। दबाव बढ़ता देख आखिर एसपी ने आरोपी चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। सांसद पुत्र की तहरीर आरोपी दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है।

मामला यूपी के फर्रुखाबाद जिले का है। फर्रुखाबाद शहर के आईटीआई चौराहा स्थित भाजपा सांसद मुकेश राजपूत का मकान है। उनका स्कूल मऊदरवाजा के रामपुर ढपरपुर में बन रहा है। मंगलवार की दोपहर मुकेश राजपूत का बेटा अमित स्कूटी से जेसीबी चालक को रास्ता बताने के लिए रेलवे स्टेशन रोड होते हुए बाल्मीकि बस्ती से होकर जा रहा था।

दरोगा मो. आसिफ की बाइक को ओवरटेक करते समय अमित का कुर्ता दरोगा की बाइक के हैंडल में फंस गया। दरोगा की बाइक गिरने से उस पर बैठे दो अन्य लोग भी गिर पड़े। आरोप है कि दरोगा ने सांसद के पुत्र के थप्पड़ जड़ दिया। अमित वहां से घर चले आए। जानकारी मिलने पर सांसद के घर पर कार्यकर्र्ताओं की भीड़ जमा हो गई। अमित ने बताया कि दरोगा ने बेवजह उनके साथ मारपीट की। उन्होंने उनको बताया कि था कि वह सांसद के पुत्र हैं। उसने बताया कि पिता दिल्ली में है। बुधवार को आएंगे। उसने इसकी जानकारी पिता को दी है। उधर, दरोगा मो. आसिफ ने मारपीट करने से इंकार किया।

इसके बाद रात करीब 8 बजे पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, भाजपा नेता रूपेश गुप्ता, मोहन अग्रवाल, विमल कटियार, राहुल जैन समेत सैकड़ों भाजपाईयों की भीड़ ने थाने का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड करने की मांग की। अपर एसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ शरद शर्मा, मऊदरवाजा थानाध्यक्ष राजेश पाठक मौके पर पहुंचे। एएसपी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने बजरिया चौकी इंचार्ज मो. आसिफ को लाइन हाजिर कर दिया है।

जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। इस परभाजपाई भड़क गए और उनकी एएसपी से नोकझोंक हुई। आधे घंटे तक तू-तू-मै-मै चलती रही। एएसपी ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश थाना पुलिस को दिए। इस पर सांसद पुत्र अमित ने थाने में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि वह मंदिर के पास खड़े थे। तभी दरोगा ने बाइक से उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे वह गिर पड़ा। दरोगा से उलाहना दिया तो गालीगलौज करते हुए उसे पीटा। पिस्टल पर हाथ रखकर जान माल की धमकी दी।

संघ के जिला सहकार्यवाह पंकज वर्मा ने नोकझोंक के दौरान थानाध्यक्ष राजेश पाठक पर गंभीर आरोप लगाए। इस पर दोनों में तीखी बहस हो गई।

इससे नाराज होकर थानेदार ने एएसपी व सीओ से कहा कि वह अपना इस्तीफा दे रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में नौकरी नहीं कर पाऊंगा। अभी थाना छोड़ रहे हैं। उन्होंने जमीर नहीं बेचा है। यह कहकर वायरलेस सेट मांगते हुए मुंशी कार्यालय के बाद अपने कमरे में चले गए। इस घटनाक्रम से पुलिस अधिकारी व भाजपाई सकते में आ गए। आननफानन में पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, महामंत्री विमल कटियार व सीओ ने कमरे में जाकर उन्हें मनाया।

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