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यशवंत सिन्हा बोले- PM मोदी ने नहीं दिया मिलने का समय, अब खुलेआम ही होगी बात, शत्रुघ्न सिन्हा ने भी बिना नाम लिए साधा निशाना?

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में पार्टी लाइन से अलग अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले अभिनेता से राजनेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने बुधवार को मुंबई स्थित अपने घर के कुछ हिस्सों को ध्वस्त करने के बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के फैसले पर सोशल मीडिया के जरीए अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की है।
उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अप्रत्यक्ष रुप से निशाना साधा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना पटना साहिब संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने यह निरूपित किया कि बीएमसी की हालिया कार्रवाई पार्टी की उनकी सार्वजनिक आलोचना के कारण हुई थी।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, माननीय सर…जब आंतरिक पार्टी की चर्चा के सभी मंचों को बंद कर दिया जाता है, तो स्वतंत्र राय के अर्थपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए सोशल मीडिया रह जाता है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि, अन्यथा यह हमारे घर में मामूली बदलाव के बारे में मामूली मामला है। मुझे कोई शिकायत नहीं है, कोई मांग नहीं है और कोई आदेश नहीं है। भगवान सभी को आशीर्वाद दे- जय हिंद।

बता दें कि, इससे पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने शक जाहिर किया था कि कहीं पार्टी के कद्दावर नेता यशवंत सिन्हा का साथ देने का बदला तो उनसे नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, इस बावत उन्होंने साफ-साफ नहीं लिखा है लेकिन सोशल मीडिया पर उन्होंने कई ट्वीट किए हैं और लिखा है कि लोग उनसे पूछ रहे हैं कि कहीं यह बदला तो नहीं है।
सिन्हा ने ट्वीट किया, लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या मैं तथ्यों, आंकड़ों और सचाई पर आधारित ईमानदार राजनीति के लिए और सतारा में किसानों के लिए यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की कीमत तो नहीं चुका रहा।

पिछले कुछ महीनों से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार मतभेद रखने वाले सिन्हा ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ऐसा हो सकता है। दिल्ली में मेरा सुरक्षा घेरा हटाने के साथ शुरूआत हुई और अब मेरे घर के हिस्सों को गिराने की कार्वाई। यह भी हो सकता है कि यह दक्षिण मुंबई के रेस्तरांओं में आग की भयावह घटना के बाद बीएमसी की जल्दबाजी में की गयी प्रतिक्रिया हो। अगर ऐसा है तो मैं इस प्रतिक्रिया का स्वागत करता हूं। उम्मीद करता हूं कि बीएमसी यह जारी रखेगी।
सिन्हा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छता और शौचालय निर्माण पर जोर देने से प्रभावित हैं। उन्होंने आवासीय इमारत में काम करने वाले लोगों के लिए छत पर शौचालय बनवाया था जो मुंबई के नगर निगम अधिकारियों को पसंद नहीं आया।

न्यूज़ एजेंसी भाषा के मुताबिक, उन्होंने पीटीआई से कहा कि, मुझे लगा कि मैं अपने मुंबई वाले घर की छत पर वहां काम करने वाले लोगों के लिए शौचालय बनवाकर स्वच्छता और शौचालय निर्माण का संदेश दे रहा हूं लेकिन उसे अवैध बताया गया और गिरा दिया गया।

इमारत के हिस्सों को गिराने के काम की निगरानी करने वाले निगम के एक अधिकारी ने कहा कि इमारत में कुछ हिस्से बढ़ा लिए गए थे और रिफ्यूज इलाके में दो शौचालयों और पेंट्री का निर्माण किया गया। एक शौचालय छत पर, एक कार्यालय और एक पूजा कक्ष बनवाए गए। उन्होंने कहा कि यह सब स्वीकृत योजना के अनुरूप नहीं थे।

बता दें कि, बृहन्मुंबई नगर निगम बीएमसी ने सोमवार को फिल्म अभिनेता एवं सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की आठ मंजिला आवासीय इमारत रामायण पर अवैध निर्माण कार्यों को गिरा दिया था।

वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बुधवार(10 जनवरी) को जबलपुर में संवाददाताओं से कहा कि, आज जो बीजेपी है वह अटल जी एवं आडवाणी जी की बीजेपी नहीं है। उन्होंने कहा, अटलजी एवं आडवाणी जी के काम करने का जो तरीका था, जो शैली थी, वह बिलकुल भिन्न थी।
सिन्हा ने बताया कि, मैंने 13 माह पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने के लिए समय मांगा था। वह समय हमें आज तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा, चूंकि समय नहीं मिला, तो मैंने तय किया है कि अब मैं सरकार में बैठे किसी भी व्यक्ति से बात नहीं करूंगा। बात होगी तो सार्वजनिक तौर पर होगी, बंद कमरे में नहीं होगी।

बता दें कि, शत्रुघ्न सिन्हा कई मुद्दों पर पार्टी और पीएम मोदी की आलोचना करते रहें है। नवंबर में ही उन्होंने पीएम मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधा था।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और जदयू के बागी नेता शरद यादव सहित विपक्ष के कई शीर्ष नेताओं के साथ मंच साझा करते हुए उन्होंने कहा था कि, ‘यदि एक वकील वित्त मंत्री बन सकता है, एक टीवी सेलेब्रिटी मानव संसाधन विकास मंत्री बन सकती है और एक चाय वाला प्रधानमंत्री बन सकता है… फिर मैं इन मुद्दों पर क्यों नहीं बोल सकता?’

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