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असम: हसन अली की मौत से बवाल, मोहिदुल भी मारा गया, जानिए पूरा मामला

असम में बुधवार को गुस्साई भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने फायरिंग की। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। लोग एक व्यक्ति की कथित पुलिस हिरासत में मौत के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर उतर आए थे। हिंसक भीड़ को तीतर बीतर करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। भीड़ के हमले में पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों के कुछ अधिकारी घायल हो गए। घायलों में पुलिस उपाधीक्षक भी शामिल है।

धुला के आसपास के इलाकों में बेमियादी कफ्र्यू लगा दिया गया है,ताकि हिंसा आगे ना फैले। हालांकि इलाके में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। राज्य सरकार ने उन परिस्थितियों की मजिस्टेरियल जांच का आदेश दिया है जिनके तहत पुलिस को फायरिंग करने पड़ी और उसमें एक नागरिक की मौत हो गई। हिंसा सुबह उस वक्त शुरु हुई जब सैंकड़ों लोग हसेन अली की मंगलवार को हुई मौत के बाद धुला पुलिस थाने के समक्ष एकत्रित हो गए। इससे पहले गुस्साए लोगों ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर प्रदर्शन किया। अली जो दिहाड़ी मजदूर था, उसे मंगलवार रात पुलिस थाने के इंचार्ज ने कत रूप से उठाया था और टॉर्चर किया।

हालांकि पुलिस उसे गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भेजा। वहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अली के घर की तलाशी ली थी क्योंकि उन्हें शक था कि अली के पास गैर कानूनी हथियार हैं। जब स्थानीय लोगों ने धुला पुलिस थाने को घेर लिया तो पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया। जब उग्र भीड़ हिंसक हो गई और पुलिस थाने पर पत्थरों से हमला किया तो पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए गोलियां चलाई। पुलिस का कहना है कि भीड़ को तीतर बीतर करने के लिए ब्लैंक फायरिंग का आदेश दिया गया था। हालांक दो प्रदर्शनकारियों को गोली लगी। मोहिदुल इस्लाम ने बाद में अंतिम सांस ली जबकि अन्य घायल व्यक्ति गुलाम मुस्तफा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

दरांग के उपायुक्त अशोक कुमार बर्मन ने कहा, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रताडऩा के चलते हिरासत में अली की मौत हुई। हम पहले ही मजिस्टेरियल जांच के आदेश दे चुके हैं। संबंधित अधिकारी रंजीत हजारिका को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सभी मांगे पूरी कर ली गई थी फिर भी भीड़ ने पुलिस थाने पर हमला किया। अगर पुलिस अधिकारी दोषी पाए गए तो उनके खिलफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव एम.जी.वी.के. भानु को मामले की जांच करने और जल्द से जल्द घटना पर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

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