घटना

मृत व्यक्ति जब अचानक श्मशान में जलती चिता से उठ खड़ा हुआ.

मोकामा. कहते है मृत्यु एक ऐसा कडवा सच है, जिसको कोई भी इंसान चाह कर भी नही झुठला सकता. इस दुनिया में आज तक कोई भी इंसान हमेशा के लिए जिंदा नहीं रहा. ऐसे में जब भगवान भी शरीर त्याग कर चले गए तो हम इंसानों की औकात ही क्या है? इस दुनिया में बहुत सारे लोगों का भूतों और आत्मायों पर अटूट विश्वास है. जबकि, कुछ लोग इसको मन का वेहम समझ कर इग्नोर कर देते हैं. ऐसे में साइंस भी भूत प्रेतों के बारे में कुछ साबित नहीं कर पाई है. अक्सर आपने इंसान को मरने के बाद श्मशान ले जा कर जलाते हुए देखा होगा. लेकिन, क्या आपने कभी जलता हुआ मुर्दा अर्थी से उठते हुए देखा है? दरअसल, कुछ ऐसा ही अजीबो गरीब वाकया हाल ही में हमारे सामने आया है. जहाँ, एक मरे हुए व्यक्ति को जब आग लगाने का प्रयास किया तो वह लकड़ियों को चीरता हुआ “राम राम” कह कर उठ खड़ा हुआ. जिसके बाद वहां मौजूद सभी लोग डर गए. दरअसल, यह पूरा मामला राजधानी पटना के मोकामा शमशान घाट का है. यहां एक व्यक्ति को मरने के बाद उसके परिजन श्मशान जलाने के लिए ले आए थे. अंतिम संस्कार की सभी रस्मों के बाद जब परिजन लकड़ी में आग लगाने के लिए आगे बढ़े तो मुर्दा राम-राम कहते हुए और लकड़ियों को चीरते हुए उठ खड़ा हुआ. जिसके बाद लोग डर के मारे वहां से भागना शुरु हो गए. परंतु मुर्दे ने जब उनको सारी सच्चाई बताई तो उनके रोंगटे खड़े हो गए और वह उसको वापस घर लेकर लौट गए. घर बैठे परिजन मुर्दे को वापस जिंदा देखकर आश्चर्यचकित रह गए. मुर्दे के फिर से जिंदा होने के पीछे गांव वाले तरह-तरह की बातें बना रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि यह पूरा मामला पटना के मोकामा के मराची गांव का है. यहां के निवासी मनोज मलिक के पिता की ठंड के कारण मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद उन्हें बाबा घाट लाकर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई. जानकारी के अनुसार जब परिजनों ने मुर्दे को जलाने के लिए लकड़ियों में आग लगाई तो अचानक से लकड़ियां गिरने लग गई जिसके बाद मुर्दा खड़ा होकर राम-राम करने लग गया. अचानक मुर्दे को खड़ा होते देखकर शमशान घाट में मौजूद सभी लोग भौचक्के रह गए. जब मृतक को वापस जिंदा घर ले जाया गया तो परिवार के सदस्य उसको देख कर खुशी के मारे झूम उठे. इसके बाद गांव में मुद्दे को लेकर तरह-तरह की बातें बनाई जा रही है. वही डॉक्टरों के अनुसार ठंड के कारण व्यक्ति की सांस काफी कमजोर हो गई थी जिसे लोगों ने मृत मानकर संस्कार शुरू कर दिया. परंतु लकड़ियों में जल रही आग से उसके शरीर को गर्मी मिल गई और मैं वापस से जिंदा हो गया. फिलहाल, पीड़ित के परिवार में उसके वापिस जिन्दा होने से खुहियों का माहोल बन गया है.

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