जयपुर

मेट्रो रेल मार्ग के ऊपर पतंगबाजी नहीं, स्टाफ ने 4 हजार घरों में बांटे पैम्फलेट

जयपुर। जयपुर मेट्रो का मानसरोवर से चांदपोल के बीच 9 किलोमीटर लम्बा मार्ग रोड से 30 मीटर तक ऊंचा है। इसके बिजली के तारों में 24 घंटे 25000 वोल्ट का करंट चालू रहता है। गत वर्ष मकर संक्रान्ति की अवधि में मेट्रो रेल मार्ग के ऊपर चाइनीज एवं मेटेलिक मांझे से पतगंबाजी के कारण बिजली के तारों में अर्थ फाल्ट से 13 ट्रिपिगं हुई। 5 बार मेट्रो टेªने रूकी एवं टेªनों की छतों को भी नुकसान हुआ।

मेट्रो संचालन के लिए रोजना रात्रि में काफी मशक्कत के बाद इस अवधि में करीब 5000 उलझी एवं टूटी पतंगो तथा मांझे को विशेष प्रशिक्षित टीम से हटवाया गया। परिचालन निदेशक सी.एस. जीनगर ने बताया कि यदि पतंगबाजी के दौरान मांझा इन बिजली के तारों में उलझ जाये तो करंट इस मांझे से सीधे ही पतंग उडा़ने वाले तक पहुंच कर खतरनाक व जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस आयुक्त एवं कलेक्टर जयपुर ने भी इस अवधि में चाईनीज एवं मेटेलिक मांझे के उपयोग पर रोक लगाते हुए, अवहेलना करने वालों के खिलाफ पुलिस एवं कानूनी कार्यवाही के निर्देश जारी किये हैं।

जयपुर के नागरिकों को मेट्रो रूट पर पतंगबाजी के कारण किसी भी दुर्घटना एवं अनहोनी का सामना नहीं करना पडे़ और मेट्रो संचालन भी सुचारू रह सके इसके लिए प्रोएक्टिव कार्यवाही के तहत 2 जनवरी से मेट्रो स्टाफ द्वारा मेट्रो रूट पर पड़ने वाले करीब 4000 घरों के रहवासियों को केवल मेट्रो रेल मार्ग के ऊपर पतंगबाजी से परहेज करने के लिए पैम्फलेट तथा मौखिक समझाइश द्वारा विशेष अभियान चलाया गया है।

इसके अलावा मेट्रो टेªन चालकों एवं स्टेशन स्टाफ को भी निर्देशित किया गया है कि यदि मेट्रो रेल मार्ग के ऊपर पतंगबाजी दिखे तो सूचित करें, ताकि विशेष अभियान टीम वहां जाकर पतंगबाजी करने वालों से इसे रोकने के लिए निवेदन कर सकें।

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