राजनीति

मेघालय में राजनीतिक घमासान, कांग्रेस के पांच विधायकों सहित कुल आठ विधायक एनपीपी में हुए शामिल

नई दिल्ली. मेघालय में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल बदल की नीति ने तेजी पकड़ ली है. गुरुवार को कांग्रेस के पांच विधायकों सहित कुल आठ विधायक केंद्र में बीजेपी की सहयोगी नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल हो गए. 5 कांग्रेस विधायकों के अलावा एक यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) और दो निर्दलीय विधायक हैं. सभी आठों विधायकों ने हाल ही में विधानसभा में इस्तीफा दिया था. मेघालय की राजधानी शिलांग में हुई एक रैली में ये सभी एनपीपी में शामिल हो गए. एनपीपी के प्रवक्ता जेम्स के संगमा ने रैली में कहा कि इन नेताओं के साथ ट्राइबल ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के 10 सदस्य भी पार्टी में शामिल हुए हैं. एनपीपी के अध्यक्ष पूर्व लोकसभा स्पीकर पी ए संगमा के बेटे कोनराड के संगमा हैं. आठ विधायकों में से सत्ताधारी कांग्रेस के पांच विधायकों ने राज्य विधानसभा में पिछले 29 दिसंबर को इस्तीफा देकर घोषणा किया था कि वे एनपीपी में शामिल होंगे. एनपीपी में शामिल हुए विधायकों में कांग्रेस से पूर्व उप-मुख्यमंत्री रोवेल लिंगदोह, स्नायवलांग धर, कोमिंगोन यंबन, प्रेस्टोन टीनसॉन्ग, नगाईत्लांग धर, यूडीपी के रेमिंगटन प्योंगरोप और निर्दलीय में स्टीफेंसन मुखिम और होपफुल बेमन हैं. कुल 6 विधायकों ने दिया इस्तीफा राज्य में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रोवेल ने बाद में घोषणा की कि इस्तीफा देने वाले सभी आठ विधायक अगले सप्ताह एक रैली में नेशनल पीपुल्स पार्टी में शामिल होंगे. 60 सदस्यीय वाली मेघालय विधानसभा में कांग्रेस के 30 विधायक थे. एक कांग्रेस विधायक पीएन सीएम ने कुछ दिनों पहले पार्टी से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद शुक्रवार को पार्टी के पांच विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. एेसे में अब विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 24 रह गई है. छह मार्च को पूरा हो रहा है विधानसभा का कार्यकालमौजूदा विधानसभा का कार्यकाल छह मार्च को खत्म हो रहा है और नागालैंड तथा त्रिपुरा के साथ राज्य में अगले साल चुनाव होने हैं. विधानसभा से इस्तीफे देने वाले सभी 5 कांग्रेस विधायकों ने इससे पहले मुख्यमंत्री मुकुल संगमा और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर दिया था. बात दें, पांच में से चार कांग्रेस विधायक पहले राज्य मंत्रिमंडल में शामिल थे और मुख्यमंत्री ने उन्हें कथित अयोग्यता को लेकर बर्खास्त कर दिया था. विस अध्यक्ष को भेजा इस्तीफा विधानसभा के प्रधान सचिव सिमंस ने कहा कि आठों विधायकों ने शुक्रवार को अध्यक्ष के कार्यालय में अपना इस्तीफा सौंपा है. उन्होंने बताया कि अध्यक्ष बाहर हैं और वह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे, इसलिए अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष अबू ताहिर मंडल को ईमेल के जरिए भेजा. इस्तीफा देने वाले तीन विधायक रेमिंगटन पिनग्रोप (यूडीपी) और दो निर्दलीय विधायक स्टीफंसन मुखिम और होपफुल बैमन हैं. विधायकों ने सीएम के तौर-तरीकों पर उठाए सवाल पूर्व उपमुख्यमंत्री रोवेल लिंगदोह ने पत्रकारों से कहा, ‘हम पोलो ग्राउंड्स में चार जनवरी को एक रैली में एनपीपी में शामिल हो रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस को छोड़ना मुश्किल फैसला था लेकिन ‘लोगों के कारण’ उन्हें ऐसा करना पड़ा. मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुख्यमंत्री के काम करने के निरंकुश तरीके ने मेरे और लोगों के लिए सरकार में काम करना मुश्किल कर दिया था. कांग्रेस के भविष्य पर बुरा असर इस दौरान रोवेल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीडी लपांग की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि लपांग मुख्यमंत्री के इशारों पर चलते हैं और उन्होंने उनके निर्वाचन क्षेत्र समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में ब्लॉक कांग्रेस समिति को भंग कर दिया. वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मंत्रिमंडल के पूर्व मंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग ने कहा कि इससे मेघालय में कांग्रेस के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा.

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