राजनीति

सुशील गुप्ता के चयन पर गुस्साएं समर्थकों को मनाने के लिए AAP ने तेज किया कैम्पेन, केजरीवाल ने बताया ‘मास्टरस्ट्रोक’

बुधवार को आम आदमी पार्टी ने कुमार विश्वास को राज्यसभा में न भेजे जाने की पुष्टि की इसके साथ ही दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडियो को राज्यसभा की तीनों सीटों के लिए संजय सिंह, नारायण गुप्ता और सुशील गुप्ता का नाम प्रस्तुत किया।

सुशील गुप्ता वर्तमान में पंजाबी बाग क्लब के अध्यक्ष और हाल में वह कांग्रेस को छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। कुछ कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि पिछले साल 28 नवंबर को उन्होंने अपना इस्तीफा दिया क्यों कि ‘आप’ ने उन्हें राज्यसभा सीट देने का वादा किया था जिस वजह से उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ा।

तीनों नामों के ऐलान के बाद असंतुष्ट कुमार विश्वास ने लम्बें समय से अपने पुराने मित्र अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने खुद को राज्यसभा में न भेजे जाने के लिए केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया।

मुख्यमंत्री केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कुमार ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक, टिकट वितरण में गड़बड़ी, जेएनयू समेत अन्य मुद्दों पर सच बोलने के लिए मुझे दंडित किया गया है। मैं इस दंड को स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझे शहीद तो कर दिया है, मुझे शहादत स्वीकार है। उन्‍होंने कहा कि युद्ध का भी एक छोटा नियम होता है कि शहीदों के शव से छेड़छाड़ नहीं की जाती।

हालांकि इस बारें में कई विश्लेषकों का मानना है कि कुमार विश्वास के इस कदम के बाद पार्टी में एक विभाजन की रेखा खींचने का कारण बन सकता है लेकिन साथ ही साथ ये भी कहा जाता है कि पार्टी के भीतर विधायकों पर उनकी पकड़ काफी कमजोर है। जबकि इस सारे मामले पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किसी तरह की टिप्पणी नहीं की लेकिन उन्होंने एक ट्वीट को रिट्वीट किया जो उनके फैसले की छाप को दिखाता है।

इस ट्वीट में कहा गया है कि ‘अभी मैंने सीए एनडी गुप्ता और डॉ सुशील गुप्ता (LLB) दोनों का प्रोफेशनल रिज्यूम देखा. आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा नामांकन में भी एक अभिनव रणनीति अपनायी है. शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में गहरी महारथ से आप मज़बूत बनेगी. संजय सिंह को भी बधाई’

इसके अलावा ‘आप’ समर्थकों ने भी सुशील गुप्ता का एक स्क्रीनशॉट को वायरल करना शुरू कर दिया जिसमें उन्हंे एक ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ के बतौर पेश किया गया।

सोशल मीडिया में दावा किया गया कि सुशील गुप्ता एक शिक्षाविद, कृषक और सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं, जिन्होंने शिक्षा और हेल्थकेयर के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य किया हैं।

इसके अलावा मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक और ट्वीट को रिट्वीट किया जिसमें कहा गया कि ‘अभी मैंने सीए एनडी गुप्ता और डॉ सुशील गुप्ता (LLB) दोनों का प्रोफेशनल रिज्यूम देखा. आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा नामांकन में भी एक अभिनव रणनीति अपनायी है. शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में गहरी महारथ से आप मज़बूत बनेगी. संजय सिंह को भी बधाई’

इन खबरों के साथ ही सोशल मीडिया पर तेजी से एक और पोस्ट वायरल होने लगी जिसमें दावा किया गया कि सुशील गुप्ता ने पूर्व में पोस्टर लगाकर आम आदमी पार्टी का विरोध किया था। उन्होंने अपने इस अभियान को ‘वसूली दिवस’ का नाम दिया गया था।

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