राजनीति

राज्यसभा चुनाव : अरविंद केजरीवाल हो सकते हैं AAP के तीसरे उम्मीदवार?

नई दिल्ली. दिल्ली में राज्यसभा चुनावों के लिए काउंट डाउन शुरू हो गया है, लेकिन इस चुनाव में एकमात्र दावेदार आम आदमी पार्टी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. तीन सीटों पर होने जा रहे चुनावों के लिए 5 जनवरी तक नामांकन पर्च भरे जाएंगे. एक दावेदार के रूप में संजय सिंह का नाम आगे चल रहा था, लेकिन अब सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता भी इस दौड़ में शामिल हो गए हैं. गुप्ता ब्रदर्स का राज्य सभा की दौड़ में शामिल होने पर संजय सिंह हाशिए पर आ गए हैं, अब जब संजय सिंह नहीं हैं तो आप का तीसरा उम्मीदवार कौन होना, इस पर चर्चाओं का बाजार गर्म है. उधर, राजनीतिक गलियारे में तीसरे उम्मीदवार के रूप में खुद पार्टी संयोजक तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी तेजी से चल पड़ा है. पार्टी सूत्र बताते हैं कि पार्टी में उम्मीदवारी को लेकर जिस तरह से गुटबाजी उभर कर सामने आई है, उसे खत्म करने के लिए किसी और को राज्यसभा नहीं भेजकर अरविंद खुद ही दिल्ली की गद्दी छोड़ सकते हैं. हालांकि अरविंद केजरीवाल बस नाम के ही दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं. उनके पास कोई भी विभाग नहीं है. सारा काम पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ही देख रहे हैं. अरविंद पहले भी कई बार इच्छा जता चुके हैं कि वह पार्टी को राष्ट्रीय स्तर खड़ा करने के लिए राष्ट्रीय राजनीति में जाना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने दिल्ली में किसी भी जिम्मेदारी से खुद को मुक्त रखा है. ऐसा पहली बार है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के पास कोई भी विभाग नहीं है, वे बस नाम के ही मुख्यमंत्री हैं. इससे पूर्व भी वह विभिन्न चुनावों में दिल्ली छोड़ कभी बनारस, कभी गुजरात, कभी हिमाचल तो कभी उत्तराखंड में पार्टी का मोर्चा संभालते रहे हैं. अब जब 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, ऐसे में आम आदमी पार्टी भी इन चुनावों में ताल ठोकने की तैयारी कर रही है. 2014 के चुनावों में भी पार्टी ने बड़े पैमाने पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन पंजाब को छोड़कर कहीं सफलता हाथ नहीं लगी. दिल्ली में तो आम आदमी पार्टी दूसरे स्थान पर रही थी. उस समय अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगे थे कि अरविंद दिल्ली की चिंता छोड़कर देश की राजनीति में कूद पड़े, इसलिए उन्हें इस बात का खामियाजा भुगतना पड़ा था. पार्टी सूत्र बताते हैं कि इस बार इस तरह की आलोचनाएं ना उठें, इसलिए अरविंद खुद राज्यसभा जाकर वहां से राष्ट्रीय राजनीति की कमान संभालेंगे और आने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारियां करेंगे.

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