राजस्थान

युवाओं को लश्कर ए तैयबा में शामिल कर आतंकी बनाने में जुटे हुए थे, अब भुगतेंगे सजा

जयपुर। राजस्थान और पंजाब की जेलों में बंद प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा में युवाओं को शामिल करने के लिए, और काम करने के आरोपी 8 कैदियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। ADJ-17 कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। दोष साबित हो गया। सजा के बिन्दु पर सोमवार को सुनवाई होगी। इस मुद्दे पर बहस होगी। इसके बाद फैसला आएगा। उम्रकैद का प्रावधान है। तीन आतंकी पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी।

2010 को SOG थाने में दर्ज हुआ था मामला
लश्कर ए तैयबा के चीफ कमांडर विक्की उर्फ वलीद भाई के निर्देश पर राजस्थान की जेल में बंद कैदी असगर अली ने बाबू उर्फ निशाचंद अली की मदद से बीकानेर जेल में बंद पवन पूरी और फिर नागौर के अरुण जैन को शामिल किया था। वही पंजाब की पटियाला जेल में बंद शकरुल्लाह और मो. इकबाल ने झालावाड़ जिले के क़ाबिल खां शिक्षण संस्थान में शिक्षक हाफिज अब्दुल मजीद को अपने ग्रुप में जोड़ने का काम किया था। ATS ने मामले जाँच करते हुए लगभग 3 हजार पन्नों की इन सभी आरोपियों पर चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी । ATS ने इन सभी पर धारा 10,13,17,18,18A,18B,20 और 21 के तहत आरोपी माना है। सात साल पुराने इस मामले पर आज गुरुवार को अदालत ने फैसला सुनाया।

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