राजनीति

“राजनीति में भाषा के स्तर में आई गिरावट के लिए BJP और PM मोदी जिम्मेदार हैं, उनके डिक्शनरी में अफसोस, माफी और पश्चाताप जैसे शब्द नहीं हैं”

गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया पर जारी युद्ध में भाषा का स्तर गिरता जा रहा है। इस सियासी जंग में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच भाषा और विमर्श का स्तर इतना गिर चुका है कि जुबानी लड़ाई में प्रयोग होने वाले शब्दों का मतलब निकालने के लिए आपको डिक्शनरी का सहारा लेना पड़ेगा।इसी कड़ी में मंगलवार (21 नवंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर युवा ईकाई यूथ कांग्रेस की ऑनलाइन मैगजीन के ट्वीटर हैंडल ‘युवा देश’ की तरफ से एक विवादित तस्वीर पोस्ट की गई, जिस पर बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस की यूथ कांग्रेस ने विवादित तस्वीर (मीम) ट्वीट की थी, उसमें पीएम मोदी को चाय बेचने की नसीहत दी गई थी।हालांकि विवाद बढ़ने के बाद विवादित ट्वीट को डिलीट कर युवा कांग्रेस की तरफ से मांफी मांग ली गई।
इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा ने ट्वीट कर कहा कि हैंडल युवादेश को युवा स्वयंसेवियों द्वारा संचालित किया जा रहा है, इंडियन यूथ कांग्रेस द्वारा नहीं। हम इस तरह के व्यंग्य को खारिज करते हैं और माफी मांगते हैं। हम प्रधानमंत्री और सभी राजनीतिक विरोधियों का सम्मान करते हैं।

BJP सांसद परेश रावल ने की और आपत्तिजनक ट्वीट

यह मामला अभी शांत ही नहीं हो पाया था कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और अभिनेता परेश रावल ने भी एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कथित रूप से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी कर दी। परेश रावल का ट्वीट इतना विवादित था कि यूजर्स ने उन्हें जमकर लताड़ लगाई। सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद आखिरकार उन्हें अपना ट्वीट डिलीट कर मांफी मांगनी पड़ी।

अभिनेता से नेता बने बीजेपी सांसद ने मंगलवार (21 नवंबर) देर रात ट्वीट किया- ‘हमारा चाय वाला आपके बार-वाला से बेहतर है।’
परेश रावल का यह विवादित ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस विवादित ट्वीट पर लोगों ने उनकी जमकर क्लास लगाई और ट्रोल करना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर परेश रावल ने फौरन अपना विवादित ट्वीट डिलीट कर माफी मांग ली। सफाई देते हुए बीजेपी सांसद ने दोबारा ट्वीट कर कहा, ‘मैंने ट्वीट को डिलीट कर दिया है। यह ठीक नहीं था। लोगों की भावनाओं को आहत करने के लिए माफी मांगता हूं।’

भाषा के गिरते स्तर को कांग्रेस ने BJP और PM मोदी को ठहराया जिम्मेदार

राजनीति में लगातार भाषा के गिरते स्तर को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस प्रवक्ता और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वर्तमान राजनीति में भाषा के स्तर को गिराने के लिए पीएम मोदी और उनकी पार्टी बीजेपी जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि इन दोनों के शब्दकोश (डिक्शनरी) में अफसोस, माफी और पश्चाताप जैसे शब्द मौजूद ही नहीं है। साथ ही कांग्रेस समर्थकों ने बुधवार को ट्विटर पर #SerialAbuserBJP के जरिए पीएम मोदी और बीजेपी नेताओं के कई पुराने बयानों को ट्वीट कर बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं।

BJP नेताओं के विवादित बयानों का किया जिक्र

कांग्रेस समर्थक बीजेपी नेताओं के तमाम विवादित बयान निकालकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि पीएम मोदी पर किए गए विवादित ट्वीट मामले में तो कम से कम माफी भी मांग ली गई, जबकि इससे पहले बीजेपी नेताओं द्वारा कई ऐसे प्रकरण हुए जिसमें माफी मांगने की जरूरत भी महसूस नहीं की गई।

कांग्रेस समर्थकों द्वारा पिछले दिनों बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय के उस ट्वीट को याद दिलाया गया जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को रंगीनमिजाज साबित करने का प्रयास किया था। इस दौरान उन्‍होंने पंडित नेहरू की अपनी बहनों और भांजियों के साथ वाली तस्‍वीरें पोस्‍ट कर दी।
इन तस्‍वीरों में नेहरू परिवार के सदस्‍यों के साथ स्‍नेह के भाव में दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर अमित मालवीय की जमकर खिंचाई हुई थी। इसके अलावा इसके साथ कांग्रेस समर्थकों ने बीजेपी के विवादित नेता सुब्रमण्यम स्वामी के उस बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को कथित रूप से ‘वेश्या’ करार दे दिया था।

इसके अलावा लोगों ने सवाल पूछा कि संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ में मुख्य किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को हरियाणा बीजेपी के चीफ मीडिया को-ऑर्डिनेटर कुंवर सूरजपाल अमु द्वारा सिर काटकर लाने वाले को 10 करोड़ का इनाम देने का ऐलान करने के बाद क्या भाषा का स्तर नहीं गिरा है?

बता दें कि अभी बुधवार को ही गुजरात विधानसभा चुनाव में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) और कांग्रेस के बीच हुए समझौते के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नितिन पटेल द्वारा कथित रूप से दोनों को ‘मूर्ख’ करार दिए जाने के बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है।

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मतुाबिक गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बुधवार को कांग्रेस और हार्दिक पटेल के बीच हुए समझौते के बाद कहा कि, ‘मूर्ख ने दरख्वास्त दी और मूर्ख ने दरख्वास्त मानी और दूसरे को मूर्ख बोलते हैं।’
हार्दिक पटेल ने ‘मूर्ख’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने पाटीदार समुदाय को मूर्ख कहा है कि अब गुजरात की जनता बीजेपी को इसका जवाब देगी। हार्दिक पटेल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए बुधवार (22 नवंबर) को ट्वीट कर लिखा, “गुजरात के Dy.Cm ने पाटीदार समुदाय को मूर्ख कहा, सुन लो भाजपा वालों आप गुजरात की जनता को मूर्ख मत समझो,यह गुजरात की जनता अब आपको जनता राज दिखाएगी”

गुजरात के Dy.Cm ने पाटीदार समुदाय को मूर्ख कहा,सुन लो भाजपा वालों आप गुजरात की जनता को मूर्ख मत समझो,यह गुजरात की जनता अब आपको जनता राज दिखाएगी ।।

ट्विटर पर कांग्रेस समर्थकों ने बीजेपी नेताओं के विवादित बयानों को शेयर कर साधा निशाना

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