बीकानेर

‘छोटीकाशी’ में बहेगी त्रिवेणी धार्मिक आयोजन की गंगा

बीकानेर, (छोटीकाशी डॉट कॉम ब्यूरो): बीकानेर संभाग मुख्यालय के उपनगर भीनासर में पहली बार श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति के तत्वावधान में 106 वां श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ, श्रीमद् भगवत गीती व रासलीला (त्रिवेणी धार्मिक आयोजन) का भव्य आयोजन 25 नवम्बर से होगा। आयोजन की जानकारी के लिए बुलाए गए पत्रकारों को जानकारी देते हुए यज्ञ प्रणेता श्री 108 स्वामी भरतदासाचार्यजी, समिति के अध्यक्ष बाबूलाल मोहता, महामंत्री गोपाल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष बलदेव मूंधड़ा ने संयुक्त रुप से छोटीकाशी डॉट कॉम को बताया कि 25 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक हो रहे इस अनूठे त्रिवेणी धार्मिक आयोजन का मुरली मनोहर मैदान भीनासर साक्षी बनेगा। मोहता ने बताया कि 25 नवम्बर को महायज्ञ का शुभारम्भ स्वामी संवित् सोमगिरीजी महाराज के कर कमलों से होगा, इस मौके पर गायत्री सेवाश्रम के अधिष्ठाता रामेश्वरानंदजी पुरोहित का भी सानिध्य रहेगा। उन्होंने बताया कि महायज्ञ में यज्ञाचार्य पंडित बालकृष्ण शास्त्री तथा मुख्य यजमान सुमनदेवी-बाबूलाल मोहता होंगे। वहीं श्रीमद् भागवत कथा का वाचन पं. जुगलकिशोर शास्त्री का मुखारविंद होगा। प्रथम दिन कथा का पूजन मंजू देवी-राजकुमार सारडा करेंगे। मोहता ने बताया कि सांयकाल वृंदावन की राम श्याम लीला संस्थान के कलाकारों द्वारा रासलीला का मंचन किया जाएगा। आयोजन की सफलता के लिए तीनों ही कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है। आयोजन से जुड़े विजय आचार्य ने बताया कि महायज्ञ सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर 12 बजे, फिर ढाई से सांय साढ़े छह बजे तक किया जाएगा। वहीं भागवत कथा का समय प्रात: साढ़े बजे शुरु होकर दोपहर साढ़े बारह बजे तक चलेगी फिर 3 से सांय साढ़े पांच बजे तक चलेगी। इसी तरह श्री रासलीला सांय साढ़े सात बजे से रात्रि साढ़े दस बजे तक होगी।
एक ही यजमान, 55 हजार मंत्रों से आहूतियां
श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के सम्बन्ध में यज्ञ प्रणेता श्री 108 स्वामी भरतदासाचार्यजी महाराज ने बताया कि महायज्ञ प्राचीन ऋषि परम्पराओं के अनुरुप किया जाएगा। जिसमें एक ही यजमान होगा जो 55 हजार मंत्रों से आहूतियां देंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश सहित अनेक राज्यों में 105 महायज्ञ करा चुके हैं और यह 106 वां महायज्ञ बीकानेर में हो रहा है। 1973 से उन्होंने यह संकल्प लिया हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि वैदिक परम्पराओं पर आधारित अनुष्ठान ही उनका प्रमुख ध्येय है समाज को सही मार्ग मिले एवं नियमपूर्वक भगवत हो। उनके द्वारा ही अगला 107 वां महायज्ञ गीता भूमि कुरुक्षेत्र की भूमि पर पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर 21 मई से 29 मई 2018 तक होगा व संकल्प की पूर्णत: की तैयारी यानि 108 वां महायज्ञ जो इन्द्रप्रस्थ की भूमि दिल्ली पर होगा।

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