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कम जोखिम पर ज्‍यादा रिटर्न चाहिए, तो आप यहां पैसे लगा सकते हैं

भारत 22 ईटीएफ भारत सरकार लॉन्च कर रही है. इसकी घोषणा तो अगस्त में ही हुई थी, लेकिन अब जाकर इसे लॉन्च करने की तैयारियां पूरी हुई हैं. उम्मीद है कि 15 नवंबर तक ये ईटीएफ बाजार में आ जाएगा.
ईटीएफ यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड होते तो म्‍यूचुअल फंड की ही तरह हैं, लेकिन इनकी ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों पर शेयरों की तरह की जा सकती है, जबकि म्‍यूचुअल फंड यूनिटों की ट्रेडिंग नहीं होती.
क्या है भारत 22 ईटीएफ
भारत 22 ईटीएफ में 22 अलग-अलग कंपनियों के स्टॉक्स होंगे. ये स्टॉक 6 सेक्टरों से हैं- इंडस्ट्रियल्स, एनर्जी, यूटिलिटीज, बैंकिंग एंड फाइनेंस, एनर्जी और एफएमसीजी. इन बाइस कंपनियों में 16 सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज यानी सीपीएसई हैं और 3 सरकारी बैंक हैं.
बची 3 कंपनियां वैसी हैं, जिनमें स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ यूटीआई के जरिए केंद्र सरकार ने निवेश किया है. ये हैं- आईटीसी, एलएंडटी और एक्सिस बैंक.
भारत 22 ईटीएफ में आप जो रकम लगाएंगे, उनका निवेश इन्हीं 22 कंपनियों के शेयरों में किया जाएगा.
इन 22 में से टॉप 10 कंपनियां हैः
1. एलएंडटी
2. आईटीसी
3. एसबीआई
4. पावर ग्रिड
5. एक्सिस बैंक
6. एनटीपीसी
7. ओएनजीसी
8. इंडियन ऑयल
9. बीपीसीएल
10. नाल्को
भारत 22 ईटीएफ का बेंचमार्क है एसएंडपी बीएसई भारत 22 इंडेक्स. इस ईटीएफ को मैनेज करने की जिम्मेदारी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्‍यूचुअल फंड को दी गई है.
कैसे कर सकेंगे निवेश
भारत 22 ईटीएफ में निवेश बिलकुल उसी तरह किया जा सकेगा, जैसे आप किसी कंपनी के आईपीओ में या म्‍यूचुअल फंड स्कीम के एनएफओ में करते हैं. जब भारत 22 ईटीएफ का एनएफओ आएगा, तो आप उसके लिए अप्लाई कर सकेंगे. हालांकि अगर आप एनएफओ में इसे नहीं खरीद पाए, तो भी आप सेकेंडरी मार्केट से इसकी खरीदारी तब कर सकते हैं, जब एक्सचेंज पर इसकी ट्रेडिंग शुरू हो जाए.
पिछले ईटीएफ का परफॉर्मेंस कैसा रहा
केंद्र सरकार ने इसके पहले सीपीएसई ईटीएफ लॉन्च किया था, जिसका रिटर्न काफी अच्छा रहा है. इस ईटीएफ में 10 कंपनियों के शेयर शामिल थे. मार्च 2014 में लॉन्च हुए इस ईटीएफ से निवेशकों को अब तक 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिल चुका है. लॉन्च के समय सीपीएसई ईटीएफ का एक यूनिट करीब 19 रुपये का था, जो आज 31 रुपए के आसपास चल रहा है.
भारत 22 ईटीएफ क्यों है छोटे निवेशकों के लिए फिट
इंडिया ग्रोथ स्टोरी का फायदा: भारत 22 ईटीएफ में शामिल कंपनियां इंडिया ग्रोथ स्टोरी से जुड़ी कंपनियां हैं. देश के विकास और बढ़ती जीडीपी का सीधा फायदा इन कंपनियों को मिलेगा, और वो फायदा अच्छे रिटर्न के रूप में शेयरहोल्डरों को ट्रांसफर होगा.
पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन: भारत ईटीएफ में आपका निवेश एक साथ 22 कंपनियों में जाएगा जो अलग-अलग 6 सेक्टर से हैं. इस ईटीएफ की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी के मुताबिक किसी शेयर में अधिकतम निवेश 15 फीसदी और किसी सेक्टर में अधिकतम निवेश 20 फीसदी किया जाएगा. साथ ही, भारत 22 ईटीएफ के पोर्टफोलियो का करीब 90 फीसदी लार्जकैप और 10 फीसदी मिडकैप और स्मॉलकैप का है. इससे निवेशकों का जोखिम कम होगा, साथ ही पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफिकेशन का फायदा मिलेगा.
कम जोखिम पर अच्छे रिटर्न की संभावना: ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 2006 के बाद से भारत 22 ईटीएफ के शेयरों ने सालाना 13 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि सेंसेक्स का रिटर्न है 9.2 फीसदी. उम्मीद है कि सरकार छोटे निवेशकों को डिस्काउंट देगी, जिससे रिटर्न थोड़ा और बेहतर हो जाएगा.
हमारा मानना है कि भारत 22 ईटीएफ शेयर बाजार में सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. पहली बार निवेश का मन बना रहे लोग भी इसे आजमा सकते हैं. हमारी सलाह होगी कि जिस तरह से म्‍यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए आप निवेश करते हैं, उसी तरह आप भारत 22 ईटीएफ में भी एसआईपी करें. इससे आपका छोटा निवेश लंबी अवधि में आपके लिए बड़ी रकम जोड़ने का माध्यम बन जाएगा.
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