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क्या आप जानते हैं क्यों और कैसे होता हैं किन्नरों का जन्म!

Do you know why and how the birth of kinars!

हमारे देश में भिन्न-भिन्न तरह के लोग और भिन्न-भिन्न तरह के धर्म और लोग हैं फिर भी हम सब एक हैं, हमारे देश में हर समाज के लोग हैं, क्या आप जानते हैं कि किन्नरों का जन्म क्यों और कैसे होता हैं, इसके साथ ही किन्नरों को कहीं जगह बुरी नजरों से देखा जाता हैं, परंतु जैसे-जैसे देश बदला हैं वैसे-वैसे लोगों की सोच भी बदली है। आपने किन्नरों के बारें में कहीं बातें सुनी होगी, कि अगर इनकी बदुआ लग जाएं तो सब खत्म हो जाता हैं, इंसान बर्बाद हो जाता हैं और साथ ही अगर ये किसी पर मेहरबान हो जाएं तो उस इंसान की किस्मत बदल जाती है। इन सब के बावजूद आपके दिमाग कभी ये बात आई हैं कि इनका जन्म क्यों और कैसे होता हैं आज हम बताते हैं कि आखिर ये कैसे होता हैं, एक ‘किन्नर’ के पैदा होने का। आपको ज्ञात हो तो व्यक्ति की कुंडली में उस से जुड़े सभी राज दबे होते हैं, कुंडली देख कर आने वाले कल के साथ बिता हुआ कल भी देखा जा सकता हैं, कुंडली यह भी बता सकता हैं कि उसमें कितनी प्रजनन क्षमता है, किसी व्यक्ति के नपुंसक होने का प्रमाण उसकी कुंडली भी दे सकता है।

किन्नर के पैदा होने का कारण:- धार्मिकता के अनुसार जन्म के समय कुंडली में शनि छठे या बारहवें घर में, कुंभ या मीन राशि पर हों और ऐसे में कोई शुभ ग्रह शनि को नहीं देख रहा हो तो व्यक्ति में प्रजनन क्षमता की कमी हो जाती हैं और व्यक्ति किन्नर हो सकता है। मेष, मिथुन, सिंह, तुला, धनु, कुंभ आदि राशि में मंगल हो और इसकी दृष्टि लग्न स्थान यानी पहले घर या पहले घर के स्वामी पर हो, तो व्यक्ति में अविकसित जननांग हो सकता है।

साइंटिफिक कारण:- वीर्य की अधिकता होने से पुरुष संतान और रक्त की अधिकता से कन्या संतान की प्राप्ति होती हैं, लेकिन जब गर्भ धारण में रक्त और रज की मात्रा बराबर हो जाती है, तो व्यक्ति नपुंसक पैदा होता हैं और इसके साथ ही एक किन्नर का जन्म होता है।

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