व्यापार

कर्ज के समाधान के लिए होगी बैंकों और आरकॉम की मुलाकात

Banks and RCom meet to resolve debt

नई दिल्लीः रिलायंस कम्युनिकेशंस के लेनदारों ने इस पर और सूचना मांगी है कि कंपनी कैसे अपने कर्ज में कटौती की योजना बना रही है क्योंकि इसका नकदी प्रवाह सुस्त है और रेटिंग की लगातार डाउनग्रेडिंग से इसके शेयरों व बॉन्डों को झटका लगा है। भारतीय स्टेट बैंक और जीवन बीमा निगम समेत भारतीय लेनदारों ने नकदी के प्रबंधन पर कंपनी से योजना पेश करने को कहा है। कंपनी में एल.आई.सी. की 6.5 फीसदी हिस्सेदारी है। बैंकरों ने कंपनी का विशेष जिक्र किया क्योंंकि वह समय पर कर्ज का भुगतान करने में नाकाम रही है। उनका कहना है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति पर वह नजर रखेंगे।

शेयरों व बॉन्डों की बिकवाली के बाद हुई बैठक- बुधवार को कंपनी के शेयरों व बॉन्डों की बिकवाली के बाद बैठक बुलाई गई, जिसमें इक्विटी निवेशकों की 3,600 करोड़ रुपए की संपत्ति पिछले दो हफ्ते में स्वाहा हो गई है। बुधवार को आरकॉम का शेयर 8 फीसदी टूटने के बाद अंत में 20 रुपए पर स्थिर बंद हुआ। कंपनी के विदेशी बॉन्ड का भुगतान 2020 में होना है और उन्होंने दो हफ्ते पहले शुरू हुई बिकवाली से अपनी एक तिहाई वैल्यू गंवा दी है। कंपनी ने पहले कहा था कि वह मुंबई के पास 130 एकड़ वाला कैंपस और नई दिल्ली का रिलायंस कैंपस भी एक-दो साल में बेचेगी ताकि कर्ज का भुगतान कर सके और इसने दोनों संपत्तियों के मूल्यांकन की कवायद शुरू कर दी है।

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