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शराब के शौकीनों पर भारी पड़ेगा GST, जानिए क्यों?

GST will be heavy on alcohol addicts, know why?

नई दिल्लीः जी.एस.टी. लागू होने के बाद शराब खरीदने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। जी.एस.टी. के दायरे से बीयर, वाइन और विस्की को बाहर रखा गया है। इस वजह से इनके लिए आपको 20 पर्सेंट तक अधिक कीमत देनी होगी।

कीमतों में होगा इजाफा- टैक्स का भारी बोझ उठाने वाली ऐल्कॉहॉल बेवरेजेज इंडस्ट्री ने जी.एस.टी. के दायरे में आने के लिए काफी जोर लगाया था, लेकिन राज्यों के अपने रेवेन्यू के इस बड़े सोर्स को लेकर कोई समझौता नहीं करने से इंडस्ट्री की कोशिशें बेकार गईं। सूत्रों ने बताया कि अब यह इंडस्ट्री हार्ड ड्रिंक्स का प्राइस लगभग 20 पर्सेंट, बीयर का 15 पर्सेंट और वाइन का 5 पर्सेंट बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

अल्कोहल बनाने वाला समान GST को दायरे में- देश में बीयर इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल इंडिया ब्रूवर्स असोसिएशन के डायरेक्टर जनरल, शोभन रॉय ने बताया, ‘हमने जी.एस.टी. में शामिल होने की काफी कोशिश की थी। हमने इसके लिए राज्यों और केंद्र सरकार के कई डिपार्टमेंट्स से संपर्क किया था, लेकिन राज्य इसे जी.एस.टी. में नहीं रखना चाहते।’ अल्कोहोलिक बेवरेजेज को जी.एस.टी. से बाहर रखा गया है, लेकिन इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले इनपुट जी.एस.टी. के दायरे में हैं। ग्लास पर मौजूदा 14.5 पर्सेंट का टैक्स जी.एस.टी. के लागू होने के बाद 18 पर्सेंट हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट फ्रेट टैक्स 4.5 पर्सेंट से बढ़कर 5 पर्सेंट और सर्विस टैक्स 15 पर्सेंट से 18 पर्सेंट पर पहुंच जाएगा। कुछ केमिकल्स, कलरिंग एजेंट्स और कुछ कैपिटल गुड्स भी जी.एस.टी. के तहत आएंगे, जिससे इनपुट कॉस्ट में बढ़ौतरी होगी।

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