जयपुर

सहकारी संस्थाओं में होगा तकनीक का समावेश सदस्यों को मिलेंगी बेहतर एवं त्वरित सुविधाएं -प्रमुख शासन सचिव

Co-operatives will be involved in improving the technology, the members will get better and quick facilities -

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने कहा है कि आमजीवन में प्रौद्योगिकी के निरन्तर प्रयोग बढ़ रहा है और ऎसी स्थिति में सहकारी संस्थाओं के सदस्यों की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटलाईजेशन को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तकनीक के समावेश से सहकारी संस्थाएं सदस्यों को बेहतर एवं त्वरित सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगी तथा उनमें पारदर्शिता स्थापित होगी।

श्री कुमार बुधवार को राजफैड़ में विभागीय अधिकारियों तथा अपेक्स संस्थाओं के प्रबंध निदेशकों के साथ कम्प्यूटराईजेशन की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद देश में डिजिटल पेमेंट के उपयोग में वृद्धि हुई है तथा अपेक्स बैंक के माध्यम से राज्य के किसानों को रूपे कार्ड उपलब्ध कराए जाने का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। रूपे कार्ड के माध्यम से राज्य के किसान अब डिजिटल पेमेंट के माध्यम से अपनी आवश्यकता की वस्तुएं तथा खाद बीज आदि खरीद पाएंगे।

प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता ने राजफैड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों तथा क्रय-विक्रय सहकारी समितियों पर पोस मशीन स्थापित करने का कार्य में तेजी लाई जाए। ताकि 1 जून से खाद किसानों को पोस मशीन के माध्यम से उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने अपेक्स बैंक को माईक्रो एटीएम तथा एटीएम को स्थापित करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

श्री कुमार ने बताया कि सहकारी संस्थाओं तथा विभाग के कम्प्यूटराईजेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। कम्प्यूटराईजेशन का कार्य पूर्ण होने पर सहकारी योजनाओं की बेहतर ढ़ंग से मोनेटरिंग संभव हो सकेगी, जिसका फायदा सहकारी क्षेत्र के सदस्यों को होगा।
उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि संस्थाएं शीघ्र ही ऑन लाईन मोड पर आ जाएंगी।

उन्होंने सहकार भवन में आयोजित राज्य सहकारी विकास परियोजना की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आई.सी.डी.पी. के तहत चल रही परियोजनाओं एवं कार्यों को शीघ्र पूरा करें तथा जिन कार्यों के लिए प्रस्ताव आ गए हैं उनको त्वरित स्वीकृति प्रदान करें।

श्री कुमार ने कहा कि प्रदेश के 16 जिलों में चल रही आई.सी.डी.पी. परियोजना की अवधि के दौरान ही सारे कार्यों को पूरा किया जाए। जिन जिलों में आई.सी.डी.पी. की अवधि बढ़ाया जाना आवश्यक है, वे जिले शीघ्र अपना प्रस्ताव शीघ्र भिजवाएं ताकि एन.सी.डी.सी. से उसकी स्वीकृति ली जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण मद एवं प्रोत्साहन राशि को समय पर उपयोग में लाएं, जिससे लोगों को अधिक से अधिक फायदा मिल सके।उन्होंने उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र भिजवाने के निर्देश प्रदान किए।

बैठकों में राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रथम) श्रीमती अर्चना सिंह, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) श्री सुरेन्द्र सिंह, मुख्य अंकेक्षक श्रीमती अनिता कौशिक, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) श्री राजीव लोचन शर्मा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मार्केटिंग) श्री जी.एल. स्वामी, अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक श्री विद्याधर गोदारा, एसएलडीबी के प्रबंध निदेशक श्री विजय शर्मा, कॉनफैड के प्रबंध निदेशक श्री उत्तम चंद तोषावडा, एनसीडीसी के क्षेत्रीय निदेशक श्री एम. एल. सैनी, एम. ओ. आई.सी.डी.पी. श्री पी. पी. मण्डोत सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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