जयपुर

जयपुर फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन अगस्त में शिक्षा के विकास में नई इबारत लिखेगा राजस्थान – मुख्यमंत्री

Jaipur Festival of Education will write a new message in education development in August - Chief Minister

जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि ’जयपुर फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन राजस्थान’ प्रदेश में शिक्षा के विकास की नई इबारत लिखेगा। उन्होंने कहा कि अगस्त 2017 में होने वाले इस दो-दिवसीय फेस्टिवल का लक्ष्य राज्य के शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षण संस्थाओं को विश्व में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और नई टेक्नोलॉजी से रूबरू करवाना है, ताकि वे इनको अपनायें और राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करें।

श्रीमती राजे जयपुर फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन की तैयारियों के सम्बन्ध में गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। यह भारत में इस प्रकार का पहला आयोजन है। यह फेस्टिवल राजस्थान सरकार और दुबई स्थित जेम्स एजुकेशन फाउण्डेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा अन्य अधिकारी, स्कूल और कॉलेजों के प्रिंसिपल एवं शिक्षक तथा विद्यार्थी इस फेस्टिवल में भाग लेकर शिक्षा के क्षेत्र में नये युग के संवाहक बनेंगे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षण-प्रशिक्षण के तौर-तरीकों और नजरिये में बदलाव बहुत आवश्यक है।

श्रीमती राजे ने कहा कि इस फेस्टिवल के दौरान ’विज्ञान विषय बच्चों के लिए आकर्षक कैसे हो सकता है? टेक्नोलॉजी की बारिकीयों को कैसे समझा जा सकता है? कृषि विज्ञान में नया क्या हो सकता है? कैसे बेहतर जल प्रबन्धन हो सकता है?’ जैसे सवालों पर विचार-विमर्श होगा। शिक्षण-प्रशिक्षण की नई विधाओं पर चर्चा होगी। इससे शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मकता और उत्साह का संचार होगा। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप नई पीढ़ी के लिए कैरिअर, रोजगार और जीवन कौशल के ढे़राें रास्ते खुल सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा से जुडे़ सभी लोग नवाचारों को जानने-समझने और नई दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार हों, तभी यह बदलाव संभव होगा। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल से नौजवान पीढ़ी सबसे अधिक लाभान्वित होगी, क्योकि विद्यार्थियों को दुनियाभर से आये शिक्षा क्षेत्र की हस्तियों से नई चीजें सीखने का मौका मिलेगा। जब नई तकनीक और सोच लेकर हमारे युवा उद्योग, मेडिकल, टेक्नोलॉजी आदि विभिन्न क्षेत्रों में काम करेंगे, तब देश-प्रदेश और पूरे समाज को इसका लाभ मिलेगा।

श्रीमती राजे ने कहा कि जयपुर के बाद प्रदेश के दूसरे संभागों में भी फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन आयोजित होंगे। उन्होंने उच्च शिक्षा, कॉलेज शिक्षा तथा स्कूल शिक्षा विभागों के अधिकारियों को फेस्टिवल में भागीदारी के लिए पूर्व तैयारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं और शिक्षकों के सकारात्मक सोच एवं नयेपन को ग्रहण करने की मानसिकता के साथ इसका भागीदार बनने से ही यह आयोजन सफल हो सकेगा।

बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव श्री नरेशपाल गंगवार ने जयपुर फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन के उद्देश्यों के बारे में बताया। फेस्टिवल के सह आयोजक जेम एजुकेशन ग्रुप ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष श्री अमरीश चन्द्रा ने समारोह की रूपरेखा पर प्रस्तुतीकरण दिया।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी, स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री वासुदेव देवनानी, मुख्य सचिव श्री ओपी मीना, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री राजहंस उपाध्याय, अतिरिक्त मुख्य सचिव कला एवं संस्कृति श्री एनसी गोयल, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग श्री उमेश कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी विकास श्री मुकेश शर्मा, प्रमुख शासन सचिव गृह श्री दीपक उप्रेती, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री पे्रमसिंह मेहरा, प्रमुख शासन सचिव आयोजना एवं आईटी श्री अखिल अरोरा, कॉलेज शिक्षा तथा स्कूल शिक्षा के आयुक्त एवं निदेशकों सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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