जयपुर

विप्र फाउण्डेशन ने परशुरामजी का जीवन पाठयक्रम में शामिल करने पर शिक्षा राज्य मंत्री का आभार जताया

VP Foundation thanked the Minister of State for joining Parshuramji's life course.

जयपुर। शिक्षा मंत्री श्री वासुदेव देवनानी ने धर्म और संस्कृति की रक्षा तथा विद्यालयों में संस्कारों की शिक्षा प्रदान करने के लिए सदैव काम करते रहने का ब्राह्मण समाज से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने विद्यालयी पाठ्यक्रम में भगवान परशुराम का जीवन चरित्र जोड़े जाने के संबंध में कहा कि यह छात्रों को नई प्रेरणा देगा तथा छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि ब्राहमण समाज हमारे लिए सदा ही पूजनीय रहा है। देश और समाज को दिशा देने का कार्य ब्राह्मण ही सदा करते आए हैं तथा आगे भी करते रहेंगे।

विप्र फाउण्डेशन द्वारा आगामी शिक्षा सत्र से प्रदेश के विद्यालयी पाठ्यक्रम में भगवान श्री परशुराम जी के जीवन चरित्र को शामिल किए जाने की घोषणा पर आज शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी का उनके निवास पर स्वागत कर अभिनंदन किया गया। श्री देवनानी ने अपने सम्मान समारोह को ब्राह्मण समाज का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि इस सम्मान से मैं अभिभूत हूँ। यह मेरे लिए आशीर्वाद है। विप्र फाउण्डेशन द्वारा श्री देवनानी का इस अवसर पर शॉल श्री फल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य अभिनंदन किया।

इस अवसर पर विप्र फाउण्डेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील तिवाड़ी, संयोजक विप्र फाउण्डेशन मुकेश दाधीच, सह सहयोजक विप्र फाउण्डेशन विनोद अमन, प्रदेश अध्यक्ष विप्र फाउण्डेशन देवी शंकर जी, प्रदेश महामंत्री विप्र फाउण्डेशन राजेश कर्नल, युवा अध्यक्ष विप्र फाउण्डेशन बलदेव व्यास, प्रभारी जयपुर जुगल शर्मा, जिला अध्यक्ष जयपुर शहर केदार शर्मा, राष्ट्रीय सचिव विप्र. फाउण्डेशन पवन पारीक, प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकान्त पारीक, पूर्व महापौर पंकज जोशी, पूर्व पार्षद दिनेश अमरीश, जिला कोषाध्यक्ष विप्र फाउण्डेशन सतीश शर्मा आदि सैकड़ों विप्र फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं ने देवनानी का स्वागत कर भगवान परशुरामजी की जीवन को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर आभार व्यक्त किया।

बड़ी संख्या में उपस्थित ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने श्री देवनानी द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्हाेंने कहा कि विद्यार्थियों को संस्कार और नैतिकता की शिक्षा प्रदान करने की जो पहल शिक्षा मंत्री श्री देवनानी के कार्यकाल में हुई है, उसकी जितनी सराहना की जाए कम है। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने भगवान श्री परशुमराम की जीवनी को माध्यमिक शिक्षा में लगाए जाने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इससे समाज में आदर्श संस्कारों का संचार होगा।

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