जयपुर

विज्ञान और तकनीक की जुगलबंदी से संवरेगी देश की किस्मत- तकनीकी शिक्षा मंत्री

The fate of the country's science-technology coupling of technology-technical education minister

जयपुर। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने कहा कि समाज और राष्ट्र के विकास में गति तभी संभव है जब हर व्यक्ति विज्ञान और तकनीक में दिलचस्पी लेते हुए उसे आत्मसात करे। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक की जुगलबंदी से ही देश संवर सकता है।

श्रीमती माहेश्वरी बुधवार को जयपुर के शास्त्री नगर स्थित साइंस पार्क में डायनोटोरियम भवन एवं न्यूक्लियर पावर गैलेरी के शिलान्यास कार्यक्रम में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि आज बिना तकनीक और विज्ञान के एक कदम भी नहीं चल सकते हैं। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी तकनीक, उद्यमिता और नवाचारों पर जोर देते हैं। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है जहां भी तकनीक के साथ लोगों ने हाथ मिलाया है वह देश हमेशा समृद्ध और ताकतवर रहा है।

उन्होंने कहा कि साइंस पार्क में डायनासोर जैसे विशाल जीव के बारे में कई दिलचस्प बातें जानने के लिए लगभग 8 हजार 480 वर्गफीट एरिया में डायनाटोरियम भवन बनाया जाएगा। इसमें एक विशाल एनिमेट्रोरियम डायनासोर का मॉडल होगा, जिसकी स्किन, गर्दन एवं जबड़े, पूंछ अति गतिशील होंगे। डायनासोर प्रजाति के संबध में डिस्प्ले बोर्ड द्वारा आमजन के लिए जानकारी दी जाएगी।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसी तरह न्यूक्लियर पावर के प्रति आमजन और छात्रों में जानकारी, दिलचस्पी और जागरूकता बढ़ाने के लिए न्यूक्लियर पावर गैलेरी की स्थापना की जा रही है। इसके जरिए न्यूक्लियर एनर्जी के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे उपयोगों को मॉडल्स और डिसप्ले आदि के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। लगभग 8 हजार 212 वर्गफुट में एरिया में यह गैलेरी का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि दोनों कार्यों में करीब 3 करोड़ रुपए राज्य सरकार लगाएगी और करीब डेढ़ साल में ये प्रोजेक्ट आमजन के लिए सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि डायनोटोरियम और न्यूक्लीयर पावर गैलरी के बनने से बच्चों में विज्ञान के प्रति और अधिक रुचि बढ़ेगी, जिससे तर्कसंगत समाज के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्री अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि अब तक न्यूक्लीयर पावर को नेगेटिव सेंस में जाना जाता रहा है लेकिन अब न्यूक्लीयर पावर गैलरी के बनने से छात्रों को पता चलेगा कि इसका उपयोग कैसे कृषि, बिजली, मेडिकल और अनुसंधानों में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डायनाटोरियम के बनने से बच्चे इस दैत्याकार जीव से रूबरू होंगे।

इससे पहले श्रीमती किरण माहेश्वरी और श्री अरूण चतुर्वेदी ने डायनाटोरियम भवन की नींव का पत्थर रखा और इसे जल्द से जल्द पूरा करवाने के भी निर्देश दिए। समारोह में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की निदेशक श्रीमती निवेदिता महरू और क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण और कॉलेज शिक्षक उपस्थित रहे।

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