चूरू

गणेश का होगा 28 को यज्ञोपवित संस्कार /जनेऊ धारण करने से होता है शरीर शुद्ध और पवित्र

सादुलपुर,अविनाश के.आचार्य। इस शहर का नाम अगर सपनो में भी आ जाए है तो मुंह में पानी आ जाता है जी हां हम बात कर रहे है बीकानेर शहर की क्योकि यह शहर रसगुल्लो तथा भुजियो के नाम से सुप्रसिद्ध है यहां के जाने माने श्रीमती पुष्पा देवी-स्व.जेठमल जी व्यास के सुपौत्र तथा अनिल कुमार श्रीमति कंचन व्यास अपने सुपुत्र बटुक अनिरूद्ध(गणेश) का यज्ञोपवित संस्कार करने जा रहे है अविनाश के.आचार्य को अनिल कुमार व्यास ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 28 अप्रैल 2017 शुक्रवार को सुबह 11 बजे यज्ञोपवित संस्कार पुष्पा सदन, जे.एन.वी.कॉलोनी बीकानेर में होगा। आपको बता दे कि आपने देखा होगा कि बहुत से लोग बाएं कांधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे रहते हैं। इस धागे को जनेऊ कहते हैं। जनेऊ का धार्मिक दृष्टि से बड़ा महत्व है। जनेऊ का निर्माण दो तूडियों से किया जाता है जिसमें तीन -तीन लपेट होते हैं। तीनों लपेट क्रमश ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन तीनों देवताओं के प्रतीक माने गए हैं। धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि जनेऊ धारण करने से शरीर शुद्ध और पवित्र होता है।

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