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जाने, टैक्स, इंश्योरेंस, प्रॉपर्टी, बैंक से जुड़े आपके अधिकार

प्रॉपर्टी, निवेश से सम्बंधित आपके आर्थिक अधिकार

यदि आपकी कोई इंश्योरेंस पॉलिसी है. या आप इंश्योरेंस एजेंट हैं. आपने बैंक से कोई लोन लिया है, या फिर क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर रहे हैं, तो हम आपको बताने जा रहे हैं, आपके 10 ऐसे फाइनेंशियल राइट, जिन्हें जान लेने पर आपको मिलेगी आर्थिक आजादी और कभी परेशान नहीं करेंगे बैंक और इंश्योरेंस वाले,

1. कमीशन जानने का हक:- ऑप्टिमा मनी मैनेजर के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मठपाल का कहना है कि इंश्योरेंस, यूएलआईपी में एजेंट के कमीशन की जानकारी देना जरूरी है. कमीशन की जानकारी ना मिलें तो आईआरडीएआई या सेबी से शिकायत करें,

2. पॉलिसी लौटाने का हक:- हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को लौटा सकते हैं. पॉलिसी मिलने के 15 दिन के भीतर उसे वापस कर सकते हैं. हालांकि पॉलिसी वापस करने के लिए कंपनी को अर्जी देना होगा,

3. लोन डिफॉल्टर के अधिकार:- कर्ज नहीं चुकाया है, तब भी बैंक प्रताड़ित नहीं कर सकता है. वसूली के लिए बैंक सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक ही संपर्क कर सकते हैं. डिफॉल्टर होने पर बैंक को आपको 60 दिन का नोटिस देना होगा. बैंक के सामने आप 60 दिन के भीतर अपना पक्ष रख सकते हैं. बैंक अगर प्रताड़ित करता है, तो पुलिस में रिपोर्ट कर सकते हैं,

4. कार्ड फ्रॉड से जुड़े अधिकार:- कार्ड से हुए अनअधिकृत लेन-देन का आपको भुगतान नहीं करना होगा. इसतरह के लेन-देन की जानकारी तुरंत अपने बैंक को दें,

5. इंश्योरेंस क्लेम का अधिकार:- कोई दुर्घटना होने परे पॉलिसीधारक के परिजनों को 3 साल के भीतर क्लेम देना जरूरी होता है. इंश्योरेंस कंपनी 3 साल तक क्लेम की जांच-पड़ताल कर सकती है. पॉलिसी लेने के 3 साल के अंदर दुर्घटना अनहोनी होने पर भी क्लेम मिलेगा,

6. टैक्स रिफंड का अधिकार:- टैक्स रिफंड के अधिकार के तहत रिटर्न फाइल करने के 90 दिन के भीतर रिफंड देना जरूरी होता है. रिफंड 90 दिन के बाद मिलता है तो हर महीने 0.5 फीसदी ब्याज मिलेगा. रिफंड में देरी होने पर असेसमेंट अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं,

7. समय पर पजेशन का हक:- बिल्डर को तय समय पर प्रॉपर्टी का पजेशन देना जरूरी है. अगर समय पर पजेशन नहीं मिलता तो बिल्डर को ब्याज देना होगा. पजेशन में देरी होने पर बिल्डर को ईएमआई बराबर ब्याज देना होगा,

8. लॉकर से जुड़े अधिकार:- लॉकर से जुड़े अधिकार के तहत बिना खाते के भी बैंक में लॉकर खोल सकते हैं. लॉकर के लिए बैंक में निवेश करना जरूरी नहीं होता है,

9. सर्विस चार्ज ना देने का अधिकार:- रेस्टोरेंट में आपको सर्विस चार्ज देना जरूरी नहीं होता है. अगर सर्विस से संतुष्ट नहीं हैं तो सर्विस चार्ज देने से मना कर सकते हैं,

10. म्युचुअल फंड में बदलाव की जानकारी:- निवेशकों को म्युचुअल फंड में होने वाले बड़े बदलाव की जानकारी देना जरूरी होता है. फंड में बदलाव से पहले निवेशक बिना एग्जिट लोड दिए निकल सकते हैं !

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