बीकानेर

दूसरों की प्रोगे्रस देख स्ट्रेस ना हों स्टूडेंट्स : डा. सक्सेना / मारवाड़ी युवा मंच की नि:शुल्क कैरियर काऊंसलिंग सेमीनार में स्टूडेंट्स ने किया सीधा संवाद, मिटाई भ्रांतियां

Mukesh Agarwal & Dr Deepak Saxena Programme in Bikaner

Mukesh Agarwal & Dr Deepak Saxena Programme in Bikaner

Mukesh Agarwal & Ved Prakash Lakhotia Programme in Bikaner

Mukesh Agarwal & Ved Prakash Lakhotia Programme in Bikaner

Dr Deepak Saxena Programme in Bikaner

Dr Deepak Saxena Programme in Bikaner

Mukesh Agarwal Adressing Programme in Bikaner

Mukesh Agarwal Adressing Programme in Bikaner

Dr Deepak Saxena Adressing Programme in Bikaner

Dr Deepak Saxena Adressing Programme in Bikaner

Ved Prakash Lakhotia Programme in Bikaner

Ved Prakash Lakhotia Programme in Bikaner

Dr Deepak Saxena, Ved Prakash Lakhotia, Mukesh Agarwal, Dheeraj Baradia Programme in Bikaner

Dr Deepak Saxena, Ved Prakash Lakhotia, Mukesh Agarwal, Dheeraj Baradia Programme in Bikaner

Marwari Yuva Manch Programme in Bikaner

Marwari Yuva Manch Programme in Bikaner

संजय जोशी, बीकानेर। राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के कैरियर काऊंसलर डॉ. दीपक सक्सेना ने कहा कि दसवीं, बारहवीं अथवा गे्रजुएशन के बाद विद्यार्थी क्या करे? इस बात को लेकर उनमें कंफ्यूजन रहती है। इस हेतू स्टूडेंट्स की काऊंसलिंग महत्ती जरुरी है, इसमें अभिभावकों की भूमिका को भी जरुरी बताते हुए सक्सेना ने यह भी कहा कि वर्तमान दौर में लिफ्ट की बजाए स्टेप बाई स्टेप आगे बढऩा चाहिए। डा. दीपक शनिवार को यहां होटल वृन्दावन रीजेंसी में मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित पहली बार नि:शुल्क कैरियर काऊंसलिंग सेमीनार में बतौर मुख्यातिथि अपना सम्बोधन दे रहे थे। मंच के प्रदेशाध्यक्ष वेदप्रकाश लखोटिया एवं प्रदेश उपाध्यक्ष तथा बीकानेर शाखा अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल की मंचासीन मौजूदगी में सक्सेना ने कहा कि सामान्यत: विद्यार्थियों में इस बात को लेकर टेंशन रहती है कि वे कौन से कोर्सेज करें यही नहीं पेरेन्ट्स भी यही चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर अच्छे पैकेज की नौकरी-जॉब करें।

Report Updated By Journalist Sanjay Joshi (Bikaner)

Report Updated By Journalist Sanjay Joshi (Bikaner)

डा. दीपक बोले कि कैरियर काऊंसलिंग में यही बताया जाता है कि वे स्वयं अपने आप को अपनी रुचि को पहचानें कि उन्हें क्या जॉब करनी चाहिए। उपस्थित छात्र-छात्राओं को विभिन्न विषयों पर लगातार दो घण्टे धाराप्रवाह अपनी विशिष्ट शैली में डा. दीपक ने कहा कि बच्चों का डिप्रेशन में आना आज कॉमन होता जा रहा है, दूसरों की प्रोग्रेस देखकर वे स्ट्रेस हो जाते हैं बल्कि उन्हें देखकर स्वयं के कारण तक नहीं पहुंचते। अभिभावकों के नाम अपने संदेश में ‘कैरियर गुरु’ ने कहा कि हेण्डल-टेकल विद केयर के साथ बच्चों को मोटीवेशनल-इम्पे्रशन उनका भी बच्चे की ग्रोथ में उतना ही जरुरी है। इससे पूर्व लखोटिया ने मंच की प्रादेशिक विविध सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला जबकि सभी का स्वागत करते हुए मुकेश अग्रवाल ने थ्री इडियट्स फिल्म को पे्ररणास्पद व उसके एक डायलोग के उदाहरण के साथ रटा नहीं मारने व काबिल बनने की सीख के साथ कहा कि कामयाबी खुद-बखुद हासिल होगी यदि काबलियत का सही उपयोग होगा। अतिथियों का माल्यार्पण एवं ममेंटो भेंटकर उन्होंने अभिनन्दन भी किया। इस मौके कार्यक्रम संयोजक पवन कुमार बैद, सह-संयोजक अमित बोथरा, धीरज बरडिय़ा, अनिल पित्ती, दिनेश बोथरा, इन्द्र कुमार शर्मा, दिनेश देवेरा, विशाल अग्रवाल, राजेन्द्र शर्मा सहित मंच से जुड़े अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्तागण मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन मशहूर उद्घोषक रविन्द्र हर्ष ने करते हुए मह्यंच के नियमित किएजाने वाले विविध क्षेत्रों के अनेक कार्यक्रमों को सराहनीय बताते हुए प्रभावी संचालन किया।

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