बीकानेर

‘संयम एक्सपे्रस’ 1 अपे्रल को रायपुर से रवाना होगी ! / दीक्षार्थी वर्षा ने सभी को दिया भावभरा आमंत्रण / पचीसिया बोले, समाज कुल को किया रोशन / विभिन्न मार्गों से निकली शोभायात्रा में जगह-जगह स्वागत

Varsha Sethia, D P Pachisia & Champalal Daga Programme in Bhinasar (Bikaner)

Varsha Sethia, D P Pachisia & Champalal Daga Programme in Bhinasar (Bikaner)

Varsha Sethia Programme in Bhinasar (Bikaner)

Varsha Sethia Programme in Bhinasar (Bikaner)

Dileep Katela, Varsha Sethia & Rajendra Sethia Programme in Bhinasar (Bikaner)

Dileep Katela, Varsha Sethia & Rajendra Sethia Programme in Bhinasar (Bikaner)

बीकानेर। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डी. पी. पचीसिया ने कहा कि शास्त्रों में लिखा है कि 64 हजार यौनियों के बाद मनुष्य जन्म मिलता है तथा मनुष्य जीवन अच्छे पुण्य और कर्मों के बूते आगे की ‘सीढिय़ां’ तैयार करता है। यही नहीं जहां लड़का एक कुल का नाम रोशन करता है वहीं लड़की दो कुलों का नाम रोशन करती है। मगर दीक्षार्थी वर्षा बहन ने समाज, नगर और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। पचीसिया का यह संक्षिप्त सम्बोधन रविवार को श्री जैन जवाहर विद्यापीठ भीनासर के प्रांगण में था जब वे गंगाशहर के मूल निवासी सुन्दरलाल-उर्मिला सेठिया की पुत्री दीक्षार्थी वर्षा के भव्य मंगलकामनाओं भरे अभिनन्दन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे थे। इस मौके उन्होंने कहा कि त्याग और संयम के मार्ग पर चलकर वर्षा ने सेठिया-सोनावत परिवार को गौरवान्वित किया है। पचीसिया ने ‘नमन’ भरे शब्दों के साथ कहा कि वर्षा के साध्वी जीवन के लिए वे अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त कर रहे हैं। इससे पूर्व श्री साधुमार्गी जैन संघ के आचार्य श्री रामेश की विशेष आज्ञा से 1 अपे्रल को रायपुर (छत्तीसगढ़) में दीक्षित होने वाली कोलकाता की दीक्षार्थी सुश्री वर्षा की रविवार को भव्य बंधोली (शोभायात्रा) निकाली गयी। जो दीक्षार्थी के दादाजी जेठमल सेठिया के निवास स्थान से प्रारम्भ होकर शहर के मुख्य मार्गों महावीर चौक, हरिरामजी मंदिर, सुराणा मोहल्ला, चौरडिय़ा चौक, बोथरा चौक नं. 2, बोथरा चौक नं. 1, गांधी चौक, सब्जी बाजार, रोशनीघर होते हुए जवाहर विद्यापीठ, भीनासर के विशाल प्रांगण में पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हुई। सैकड़ों के जनसैलाब के मध्य जैसे ही दीक्षार्थी बहिन अश्व से सुसज्जित बग्गी पर सवार हुईं, वैसे ही श्रमण भगवान महावीर स्वामी की जयघोष का गगनभेदी नांद गूंजायमान हो गया। सारे रास्ते श्री साधुमार्गी श्रावक संघ, श्री साधुमार्गी जैन महिला समिति, समता युवा संघ, समता महिला मण्डल, समता बालक-बालिका मण्डल द्वारा श्रमण भगवान महावीर आचार्य श्री नानेश और आचार्य श्री रामेश के जयकारे लगाते हुए गुरु भक्ति के भजनों के प्रस्तुति दे रहे हैं।

Report Updated By Journalist Rajeev Joshi (Bikaner)

Report Updated By Journalist Rajeev Joshi (Bikaner)

रथ पर सवार दोनों हाथ जोड़े दीक्षार्थी बहन पूरे मार्ग में सड़क के दोनों खड़े श्रद्धालूओं का अभिनन्दन स्वीकार किया। जगह-जगह पर दीक्षार्थी बहन की खोल भराई एवं मुंह मिठाई का प्रसंग भी बना। हर गली-चौराहे पर शोभायात्रा में सम्मिलित होने वालों की सेवा का लाभ लेने का अवसर भी कई संस्थाओं ने उपस्थित किया। स्थानीय संघ के कार्यकर्ताओं के अलावा बीकानेर, उदयरामसर, नोखा, देशनोक, उदासर, झझू, पांचू के संघों ने भी उपस्थित होकर दीक्षार्थी की दीक्षा की अनुमोदना का लाभ लिया। श्री जवाहर विद्यापीठ में आज भगवान महावीर के समवशरण सा ठाठ देखने को मिला। पूर्व में साध्वी श्री सुमति कंवरजी आदि विराज हो रही थीं और आज के इस प्रसंग पर शिवा बस्ती में विराजित साध्वी ताराकंवरजी म.सा. आदि ठाणा एवं बीकानेर से साध्वी पे्रमलता जी म.सा. आदि ठाणा एवं बीकानेर से ही आचार्य रामेश के आज्ञानुवर्ती संत प्रकाश मुनिजी म.सा., किशोर मुनिजी म.सा. के पधारने से चतुर्विद्य संघ का ठाठ लग गया। धर्मसभा में सर्वप्रथम साध्वी श्री सुरभि श्री जी म.सा. के प्रभू महावीर की राह पर बढऩे वाली दीक्षार्थी बहिन को वीर बाला निरुपित किया। तत्पश्चातï् शासन दीपिका साध्वी ताराकंवरजी म.सा. ने फरमाया कि संयम सिर्फ वेश परिवर्तन का ही नाम नहीं है, बल्कि संयम का अर्थ है निज स्वरुप में आने का नाम ही संयम है। इस अवसर पर श्री साधुमार्गी जैन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चम्पालाल डागा, स्थानीय संघ के अध्यक्ष शिखरचन्न्द सेठिया, दीक्षार्थी बहिन सुश्री वर्षा सेठिया, दादाजी जेठमल, पिता सुन्दरलाल, दादी सुशीलादेवी, माताजी श्रीमती उर्मिला देवी सेठिया, मोहन सुराणा के विराजमान होने पर संचालनकर्ता डूंगरमल सेठिया के आह्वान पर समता बालिका मण्डल ने मंगलाचरण एवं समता बहू मण्डल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सुश्री ज्योति एवं पूजा डागा ने कुंकुम एवं अक्षत द्वारा तिलक लगाकर मंचासीन महानुभावों का स्वागत किया। पूनमचन्द बैद, नीलम, निधी, मीनाक्षी, विनीता सोनावत ने भी गद्द-पद्य के माध्यम से अभिव्यक्ति दी। वहीं मुमुक्षु वर्षा ने अपने श्रीमुख से जिस ‘ज्ञान-अमृत वर्षा’ का पान किया उसमें यह भी शामिल था कि आज हुआ अभिनन्दन उनका नहीं बल्कि त्याग का, आचार्य प्रवर गुरुराम का है जिनके उपदेशों से पे्ररित होकर वे भी इसी मार्ग पर चलने को आतुर हुई। वर्षा ने इस मौके भावभरे आमंत्रण में सभी जनों से 1 अपे्रल को रायपुर पहुंचने का आह्वान किया कि उस दिन ‘संयम एक्सपे्रस’ अपने गंतव्य के लिए रवाना होगी। कार्यक्रम में महिला मण्डल की अध्यक्षा ममोल देवी सेठिया, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीमती नीलम देवी बोथरा भी मौजूद थी। अभिनन्दन पत्र का वाचन संघ के पूर्व उपाध्यक्ष लूणकरण सुराणा ने किया। पुखराज चौपड़ा, महेन्द्र सोनावत, राजकुमार पचीसिया, उदासर संघ के राजेन्द्र सेठिया, समता युवा संघ के दिलीप कातेला सहित अनेक गणमान्यों ने शिरकत की।
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