बीकानेर

लोगों के दिलों में बसने का मकसद लिए बढ़ रहे मकसूद

Haji Maksood Ahmed (Bikaner)

Haji Maksood Ahmed (Bikaner)

बीकानेर, 3 फरवरी। बीकानेर नगर विकास न्यास को 52 वें चैयरमेन के रुप में जो सख्सियत मिली है उसका एक ही मकसद है कि ‘लोगों को बसाऊं’ अर्थात् जरुरतमंद लोगों को बसाऊं। जी हां संभाग मुख्यालय के युवा, शिक्षित और कांगे्रस पार्टी में एक ब्लॉक अध्यक्ष के पद सहित अदने से कार्यकर्ता के रुप में जनसेवा की भावना के साथ राजनीति में पदार्पण करने वाले हाजी मकसूद का मकसद इसी थीम के साथ लोगों के दिलों में बसना भी है और वे अपने क्रियाकलापों व अन्दाज से एक परिपक्व राजनीतिज्ञ के रुप में इस ओर बखूबी बढ़ रहे हैं। बीकानेर के प्रथम मेयर होने का ‘ऐतिहासिक खिताब’ हासिल करने वाले हाजी मकसूद अहमद ने शुक्रवार को बताया कि वे जिस कुर्सी पर बैठे हैं यहां से जिस जरुरतमंद को कानून सम्मत-नियमानुसार जिन्हें जो लाभ मिलना चाहिए बगैर किसी दुर्भावना के उसे पूरा करने में अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे। इसमें किसी जाति-विशेष समाज के प्रति भी किसी प्रकार का पक्ष-विपक्ष नहीं रखा जाएगा। बकौल यूआईटी चैयरमेन पत्थर-पट्टी पेड़ा के साथ गौपालकों, गाडिया लौहारों व घूमन्तू जातियों के लोगों सहित कच्ची बस्तियों के विकास हेतु उनकी तत्परता आने वाले दिनों में सकारात्मक परिणाम दिखलाएगी।

विचाराधीन प्रकरण पर हुआ ‘विचार’
पत्थर मण्डी बसाकर ले ली दुआएं हजार !

बीकानेर। बीकानेर के पत्थर व्यवसाईयों को एक ही स्थान पर बसाने की राजस्व विभाग की वर्ष 2008 से लम्बित और विचाराधीन योजना पर आखिर यूआईटी चैयरमेन ने बतौर जनप्रतिनिधि पद संभालते ही पहली ही मीटिंग में ‘विचार’ कराया और प्रकरण में स्वीकृति हेतू अनवरत प्रयास कर सौगात के रुप में नियमानुसार पत्थर मण्डी के भूखण्ड आवंटन की स्वीकृति राज्य स्तर पर ले ली।

Report By Journalist Rajeev Joshi (Bikaner)

Report By Journalist Rajeev Joshi (Bikaner)

अब यह पत्थर मण्डी ग्राम शहरे नत्थानिया के खसरा संख्या 5 में स्थित 1389.57 हैक्टेयर भूमि में से 12.50 हैक्टेयर भूमि पर बसाई जाकर 109 भूखण्डों में शेष 92 आवेदकों को आवंटित की जाएगी। शुक्रवार को प्रदेश की गहलोत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद लगभग 3 वर्षों से भटक रहे पत्थर व्यवसाईयों को राहत देकर हाजी मकसूद ने अनुपम कार्य किया है। प्राप्त जानकारीनुसार न्यास के निर्णय में पत्थर व्यवसाईयों को दो सौ रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से भूमि आवंटित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यूआईटी द्वारा बसाई जाने वाली पत्थर मण्डी में व्यापार करने के लिए 101 व्यापारियों ने भूखण्ड के लिए आवेदन किया। बाद में सरकार की मंजूरी नहीं मिलने के कारण आगे की कार्रवाई रोक दी गई। करीब दो साल बाद न्यास ने नई दर से पत्थर व्यवसाईयों से भूखण्ड की कीमत मांगी, इसका पत्थर व्यवसाईयों ने विरोध भी किया था यही नहीं नौ व्यवसाईयों ने अपने आवेदन वापिस ले लिए थे तथा शेष 92 आवेदकों को अब पत्थर मण्डी में भूमि आवंटन की प्रक्रिया निष्पादित होगी। इस सम्बन्ध में चैयरमेन यूआईटी हाजी मकसूद ने बताया कि मेरा उद्देश्य पाक साफ है पत्थर व्यवसाईयों का प्रकरण जो कि वर्षों से विचाराधीन था मेरे जेहन में आया जिसे ट्रस्ट बैठक में पारित कराकर सरकार के पास स्वीकृति हेतु भेजा गया, सही दिशा में सकारात्मक कार्य योजना के परिणाम हमेशा शीघ्र मिलते हैं। एक माह पूरा भी नहीं हुआ और मंजूरी के साथ पत्थर व्यवसाईयों को भूमि आवंटन का कार्य हो जाएगा।
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