बीकानेर

सुबह होने तक सफर रहा ‘अधूरा ! / बस! एक झटका लगा जिसका नहीं था आभास / आसनसोल से यात्रि बीकानेर पहुंचे

Ganesh Das Purohit (Kaloo Maharaj) in Bikaner

Ganesh Das Purohit (Kaloo Maharaj) in Bikaner

बीकानेर। प्रभू स्मरण का समय, अलसुबह भोर में प्रभू दर्शन कर अपने घर को लौटते तीर्थ यात्रियों का दल। आंखों में नींद, नींद में प्रभू के दर्शन, ऐसे सुखद माहौल में बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग भी भजन-कीर्तन तो नहीं कर रहे थे। किन्तु उन सभी के मानस (मन) में प्रभू भजन ही गूंज रहा था।

Report By Rajiv Joshi (Bikaner)

Report By Rajiv Joshi (Bikaner)

घर, अपने शहर बीकानेर और अपने ही मित्र बन्धुओं से लम्बी अवधि के बाद मिलकर तीर्थ यात्रा के अनुभव बांटने का स्वप्न (सपना) भी इन तीर्थयात्रियों के मन में कहीं साकार होने को लालायित हो रहा था। किसे खबर थी, होनी-अनहोनी क्या होती है, ऐसा ही घटने वाला है। जो न केवल इन तीर्थयात्रियों के, बल्कि तीर्थयात्रियों के मित्र-बंधुओं सहित इनके पूरे शहरवासियों को बिलखा (रुला) देगा। ऐसी दुखद दुर्घटना यकायक कैसे हुई यह बताना तीर्थयात्रियों के लिए भी मुमकिन नहीं। लेकिन बस, तीर्थयात्रियों की बस ठण्डी, रक्त को जमा देने वाली रात में अंधेरे में डूबी सड़क पर बनारस के रास्ते बीकानेर की ओर दौड़ रही थी, इलाका था पश्चिम बंगाल के कोलकाता के समीप आसनसोल का। एकाएक जोर का झटका! सभी बस में सवार तीर्थयात्रियों को एक साथ लगा और किसी को सुध तक न रही कि एकाएक क्या से क्या हो गया। जब होश आया तो किसी ने खुद को अस्पताल में सेवकों और परिजनों के बीच पलंग पर पाया तो किसी ने अपने को बस की दो सीटों के बीच। इनमें से एक थे बीकानेर के साले की होली निवासी गणेश दास पुरोहित (कालू महाराज), उनकी पत्नि शांति देवी पुरोहित व भतीजी भगवती जो इस घटना के वक्त गहरी नींद में थे, और झटका लगते ही उनकी आंख खुल गई। सिर पर पट्टी बांधे कालू महाराज ने बताया कि उनके गंभीर चोट तो नहीं लगी लेकिन हां इतना जरुर है कि उनके साथ उनकी पत्नि के दांए हाथ में पट्टा बंधा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने देखा तो पाया कि किसी के हाथ, किसी के पैर पर चोटें लगी थीं। जब वहां से अस्पताल पहुंचे तो देखा चारों ओर झुके चेहरे आंसुओं में भीगे थे। सबके चेहरे मौन थे जो अपने आप में बहुत कुछ कह रहे थे। उल्लेखनीय है कि गत 23 दिसम्बर को बीकानेर से तीर्थयात्रियों का दल रविवार की देर रात्रि आसनसोल के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिनमें एक दम्पत्ति सहित तीन जनों की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी और दो दर्जन से अधिक घायल हो गए थे। आधा दर्जन से अधिक लोग शुक्रवार को हावड़ा-बीकानेर ट्रेन से बीकानेर पहुंचे व शेष अन्य शनिवार सुबह आएंगे।
मानवता के नाते जुड़ते गए सेवा के ‘तार’
बीकानेर। बाका-डाक से दुर्घटना की खबर कुछ ही समय में समस्त राजस्थानी प्रवासी नागरिकों के उन शहरों तक पहुंच गई जो इन तीर्थयात्रियों से सम्बध्द थे या नहीं थे। किन्तु राजस्थान की माटी की ‘सुगन्ध’ से भरे थे। अलसुबह तीन बजकर 35 मिनट पर दुर्घटना हुई और चार बजते-बजते आसनसोल, कोलकाता आदि शहरों तक प्रवासी राजस्थानी भाईयों को खबर मिली। इसके बाद अधिक समय नहीं लगा जब दुर्घटना स्थल की ओर चारों ओर से सेवा की भावना के साथ सेवकों के दल अपने-अपने साधनों से पहुंचने के लिए निकल पडे। ऌस बीच दुर्घटनास्थल पर आस-पास के लोग पहुंच चुके थे घायलों को संभाला और निकटतम अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्थाएं भी कीं। मात्र दो से ढाई घण्टे के बीच ही समस्त राजस्थानी प्रवासी प्रमुख परिवारों तक दुखद घटना की सूचना पहुंच गई। इस दौरान सेवा की ऐसी गंगा बही कि आस-पास के हर शहर से लोग जो भी संसाधन, दवा, मदद, इमदाद संभव हुई लेकर पहुंचने लगे। इसी बीच दुर्घटना में एक दम्पत्ति सहित एक युवक की मौत के समाचार ने उन सभी को हिला दिया जो वहां पहुंचे या न पहुंचे। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। वे सब सेवादार जुट गए घायलों की सेवा के लिए। सूर्योदय होते-होते सेवा के ‘सागर’ में ‘लहरें’ ऐसी उठीं और अपने संग घायलों की सेवा-सुश्रुषा, दवा के लिए उपचार केन्द्रों यानि अस्पताल तक पहुंचाया गया। इन सेवकों के दल में वे सभी लोग शामिल थे जो केवल मानवता के नाते इन तीर्थयात्रियों की कुशलक्षेम के लिए चिंतित हो वहां पहुंचे। ऐसा कोई न था जो रिश्तेदारी के निर्वहन के लिए ही सेवा कर रहा हो। एक-दूसरे से अनजान किन्तु सेवा के रिश्ते से एक भाई।
आर्थिक सहायता की मांग
बीकानेर। आसनसोल के समीप हुई सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिवारजनों को पश्चिम बंगाल की ओर से दो-दो लाख रुपए की घोषणा तो हो चुकी लेकिन घायलों के लिए वहां की सरकार ने कोई घोषणा नहीं की। वही इसके लिए राजस्थान सरकार की ओर से भी अभी तक मृतकों के आश्रितों व घायलों को आर्थिक सहायता नहीं मिलने की बात के बाद मेयर भवानीशंकर शर्मा ने एक पत्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से राहत पैकेज दिलवाने की मांग के साथ कहा कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से राशि दिलवाएं। वहीं अखिल भारतीय पुष्टिकर फ्रंट के अध्यक्ष गिरिराज जोशी, राष्ट्रीय युवा योजना के बीकानेर इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार व्यास ने भी सीएम को पत्र लिखकर मृतकों व घायलों के प्रति संवेदना जताने के लिए आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार की है।
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