बीकानेर

नए विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार : मुख्य सचेतक / वेटरनरी विवि स्थापना दिवस पर कार्यक्रम

Rajasthan Chief Virendra Beniwal Adressing Programme in Bikaner.

Rajasthan Chief Virendra Beniwal Adressing Programme in Bikaner.

बीकानेर। राजस्थान विधान सभा में सरकारी मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल ने कहा है कि राजस्थान पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय की बीकानेर में स्थापना से राय में पशुपालन क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होने के साथ ही पशु नस्ल सुधार कार्यक्रमों से आर्थिक बदलाव लाया जा सकेगा। बेनीवाल बुधवार को वेटरनरी कॉलेज सभागार में विश्वविद्यालय की स्थापना की पहली वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संभाग मुख्यालयों पर नए विश्वविद्यालय से राय में उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की पहल पर बीकानेर में तीसरा विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया है। राय के पश्चिमी मरूस्थलीय क्षेत्र के लोगं ने विपरीत जलवायु परिस्थितियों में भी जीने के आदी है।

Report Updated By Rajeev Joshi (Bikaner)

Report Updated By Rajeev Joshi (Bikaner)

कंवरसेन जलोत्थान योजना से पेयजल जैसी विकट समस्याओं का निदान हुआ है। मानूसन आधारित कृषि के कारण पशुपालन यहां के लोगों की अर्थ व्यवस्था का प्रमुख आधार रहा है। वेटरनरी विश्वविद्यलाय के शोध और शिक्षण से पशुपालकों का भविष्य भी जुड़ा है। पशु चिकित्सा वैज्ञानिक पशुधन संपदा में कम लागत से अधिक उत्पादन देने वाली नस्लों को विकसित कर अपना महत्ती योगदान दे सकते है। इसमें उन्होंने इस क्षेत्र की राठी व थारपारकर नस्ल की गायों पर अनुसंधान कर ऐसी उन्नत नस्ल विकसित करें जिससे दुग्ध उत्पादन में अभिवृद्धि से क्षेत्र में परिवर्तन जा सके। बेनीवाल ने कहा कि पिछले एक वर्ष में वेटरनरी विश्वविद्यालय ने अपेक्षा से अधिक प्रगति कर अपनी क्षमता का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि तीनों विश्वविद्यालय आपस में मिलजुलकर कार्य करें तो सकारात्मक परिणामों से समाज को इसका पूरा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्नातकोत्तर व इन्टर्नशिप भतों में वृद्धि कर दी है। पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय के विकास में वे सदैव अपनी भागीदारी निभाएंगे। विशिष्ट अतिथि स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.ए.के.दाहमा ने कहा कि गत् एक वर्ष की अल्प अवधि में वेटरनरी विश्वविद्यालय ने कुलपति के कुशल नेतृत्व में उपलब्धियां अर्जित की है। पशुओं की देखरेख और कल्याण से पूरा समाज जुड़ा हुआ है। तीनों विश्वविद्यालय आपसी समन्वय और सहयोग से बेहत्तर परिणाम दे सकते है। बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों,पर्यावरण में बदलाव और खाद्य चुनौतियों से निपटने में विश्वविद्यालय वैज्ञानिकों की अहम भूमिका है। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.गंगा राम जाखड़ ने कहा कि शिक्षा के साथ शोध कार्य प्रदेश और समाज के विकास के लिए यादा जरूरी है। राय में नए विश्वविद्यालयों के खुलने से लोगों के आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए अच्छी शुरूआत हुई है। उन्होंने कहा कि संस्थान की पहिचान उसके शिक्षकों के स्तर से होती है। उन्होंने मानव संसाधन की कमी और शिक्षकों के रिक्त पदों पर चिन्ता जताते हुए इसकी शीघ्र पूर्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कुलपति डा.ए.के.गहलोत के कुशल नेतृत्व को भी सराहा। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.ए.के.गहलोत ने कहा कि विश्वविद्यालय के अधीन चार राजकीय संस्थानों के अलाव सात निजी महाविद्यालय और 42 वेटरनरी डिप्लोमा की संस्थाएं सम्बद्ध है। गत् एक वर्ष में राय सरकार,भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और अन्य परियोजनाओं से विश्वविद्यालय कीे वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ किया गया है। स्नात्तकोतर शिक्षण वृत्ति 3 हजार 500 रूपये और इन्टर्नशिप भत्ता 5 हजार रूपये प्रति माह प्रति छात्र की स्वीकृति देने वाला पहला राय है। स्नातकोत्तर शिक्षा और अनुसंधान की चार नई परियोजनाएं विश्वविद्यालय को मिली है। मांस, दूध उत्पादन,ऊन विपणन,मुर्गी पालन,पक्षी संरक्षण,पालतू पशु नस्ल सुधार,बडे ज़ानवरों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार कार्यक्रमों को गति देने के लिए कार्य किया जा रहा है। विश्वविद्यालय इस वर्ष 10 स्वयं के संसाधनों से लघु अवधि की अनुसंधान परियोजनाए ंस्वीकृत करेगा। विश्वविद्यालय के मुख्यालय पर दो म्यूजियम शीघ्र ही शुरू किये जायेंगे। केन्द्रीयकृत म्यूजियम में पशु चिकित्सा एवं विज्ञान की आधुनिक और पारंपरिक तकनीक और इतिहास होगा। दूसरे सजीव म्यूजियम में चारा,घास की किस्मों का प्रदर्शन होगा। ताईवान,सूडान,अफगानिस्तान और सार्क देशों से वेटरनरी छात्र भी अध्ययन के लिए यहां आ सकेंगे। विश्वविद्यालय की संपूर्ण कार्य प्रणाली को ‘पेपर लेस’करने की प्रणाली को लागू किया जा रहा हैं। इ-बुक्स,लाइब्रेरी का डिजिटाईजेशन और शोध कार्यों को सी.डी.रोम्स में लाया जा रहा है। विश्व विद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं एन.सी.सी.ऑफिसर डॉ.आर.एन.कच्छावा ने घोषणा की कि डा.ए.के.गहलोत और डा.गंगाराम जाखड़ को एन.सी.सी.द्वारा मानद कर्नल कमाण्डेंट की उपाधि से नवाजा गया है। इस अवसर पर कुलसचिव एस.एस.पंवार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रारंभ में वेटरनरी के डीन एस.बी.एस.यादव ने स्वागत भाषण किया। अतिथियों ने डा.आर.एन.कच्छावा और डा.आर.के.धूरिया द्वारा प्रस्तुत विश्वविद्यालय के ‘न्यूजलेटर’का विमोचन किया।
————————————————————————————————
Bikaner News, Bikaner Hindi News, Rajeev Joshi, Rajiv Joshi, Rajasthan News, Rajasthan Hindi News, Rajasthan Chief whip Virendra Beniwal, Dr A K Gehlot

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



Most Popular

To Top