बीकानेर

किसान के हक के पानी के लिए प्रभावी कदम : मदेरणा / नहर तंत्र को बनाया जाएगा पारदर्शी, निश्चित समय में निकाली जाएगी नहरों से सील्ट

Mahipaal Maderna in Bikaner.

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बीकानेर, 18 सितम्बर। जल संसाधन व इंदिरा गांधी नहर परियोजना मंत्री महिपाल मदेरणा ने कहा कि इंदिरा गांधी नहर के जैसलमेर में स्थित अंतिम छोर तक बैठे काश्तकार को उसके हक का पानी मिले इसके लिए सरकार ने निगरानी एवं सतर्कता के प्रभावी कदम उठाए हैं। नहर तंत्र को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा। पानी की एक-एक बूंद के सदुपयोग के लिए सभी जनप्रतिनिधि भागीदारी निभाएं। नहरों से सील्ट निकालने का कार्य निश्चित समय अवधि में पूरा कर लिया जाएगा। मदेरणा शनिवार को जिला परिषद सभागार में नहर एवं पेयजल आपूर्ति से सम्बन्धित विभिन्न समस्याओं के निराकरण सम्बन्धी बैठक में बोल रहे थे। बैठक में बीकानेर के सांसद अर्जुन मेघवाल, विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल, कोलायत विधायक देवीसिंह भाटी, बीकानेर पूर्व क्षेत्र से विधायक सिध्दीकुमारी, पश्चिम क्षेत्र से विधायक डा. गोपाल जोशी, श्रीडूंगरगढ एमएलए, नोखा विधायक कन्हैयालाल झंवर, खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, जिला प्रमुख रामेश्वर डूडी सहित बीकानेर जिले के प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य व अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
Article By Journalist Vinay Joshi

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मदेरणा ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर जहां पानी की आपूर्ति होती है वहां किस तरह की समस्याएं आती हैं तो उनके चिन्हीकरण और निदान के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को बैठक में बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि नहर तंत्र में कितना पानी पंजाब से आ रहा है और उसका वितरण किस तरह से किया जा रहा है। इसकी सूचना जनप्रतिनिधियों व आमजन को उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नहर में मोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए वर्ष 2004-05 में एक अभियान चलाकर मोगा सुदृढ़ीकरण किया गया था, मगर अब फीड बैक यह है कि कुछ मोघे अब भी निर्धारित मानदंड के अनुसार नहीं है उन्हें ठीक किया जाएगा। मदेरणा ने कहा कि पानी की कुछ मात्रा का लीकेज हो रहा है इसे चिन्हित कर इसे रोका जाएगा व पानी का समुचित सदुपयोग किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि लीकेज के मामले में नहर का भ्रमण कर ऐसे स्थान बताएं जहां से पानी की बचत हो सकती है। बैठक में सरकारी मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल ने कहा कि के.जी.डी. व पूगल ब्रांच में पानी की आपूर्ति निर्धारित मात्रा में नहीं हो रही है। के.जी.डी. को पूगल ब्रांच से जोड़ने का कार्य किया जाए तो स्थानीय लोगों को काफी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना के मुख्य कार्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था इस तरह से हो कि बीकानेर जिले का सारा नहर तंत्र एक ही प्रशासनिक अधिकारी के अधीन रहे, जिससे स्थानीय समस्याओं का निस्तारण समय पर हो सकें। बीकानेर पंचायत समिति के प्रधान भोमराज आर्य ने कहा कि डिग्गियों को विद्युतीकृत करने का कार्य योजनाबध्द तरीके से किया जाए। काश्तकारों को व्यक्तिगत लाभ योजना के कार्य स्वीकृत किए जाते हैं उन्हें माइक्रोस्तर पर परीक्षण कर फिर लागू की जाए। शिवकुमार व्यास (भाइया महाराज) ने कहा कि चक आबादी क्षेत्र में बनी डिग्गियों को पाइप लाईन से जोड़ा जाए तथा खाजूवाला क्षेत्र में पानी के भंडारण की समुचित व्यवस्था की जाए। बैठक में नहर विभाग के प्रमुख शासन सचिव रामलुभाया ने कहा कि 15 अक्टूबर 2010 तक नहरों से मिट्टी निकालने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। विभाग के पास 42 अत्याधुनिक मशीनें मिट्टी निकालने के लिए उपलब्ध हैं। इन मशीनों द्वारा आवश्यतानुसार सील्ट निकालने का कार्य किया जाएगा। बैठक के प्रारम्भ में जिला प्रमुख रामेश्वर डूडी ने मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए बताया कि आज की बैठक में नहर व खाले से मिट्टी निकालने का कार्य, महानरेगा कार्य का क्रियान्वयन, गंगकैनाल का एक्शन प्लान, चालू कार्य की प्रगति, स्वजल धारा व कस्बा क्षेत्र योजना सहित 18 बिन्दुओं पर सकारात्मक चर्चा हुई है। जिला प्रमुख ने कहा कि वर्तमान सरकार के शासन काल में पेयजल की जिले में कहीं कोई समस्या नहीं है। बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. पृथ्वीराज, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरलाल सहारण सहित अनेक विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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