झालावाड़

संतरा के पुराने बगीचों के जीर्णोद्धार पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ

छोटीकाशी डॉटकॉम ब्यूरो,अमितअग्रवाल,झालावाड़। कृषि विज्ञान केन्द्र झालावाड़ द्वारा चार दिवसीय ‘‘संतरा के पुराने बगीचों के जीर्णोद्धार तकनीकी’ विषय पर 25 से 28 अप्रैल 2017 तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें झालावाड़ जिले के 22 किसानों ने भाग लिया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. अर्जुन कुमार वर्मा ने बताया कि झालावाड़ जिला संतरा उत्पादन के साथ साथ अन्य उद्यानिकी फसलों में अग्रसर बनता जा रहा है अतः किसानो को समय समय पर सम्बन्धित विभाग में बागवानी में हो रही परेशानियों का समाधान प्राप्त करते रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि किसानों को इस प्रकार के प्रशिक्षणों में भाग लेकर अपने उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
प्रशिक्षण प्रभारी एवं केन्द्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. रामराज मीणा ने बताया कि झालावाड़ जिला संतरा उत्पादन में उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है वर्तमान में लगभग 39 हजार हैक्टेयर में संतरा के बागान लगे हुए है जिनमें से लगभग 18 हजार हैक्टेयर बगीचे फलन की अवस्था में हैं परन्तु पुराने बगीचे ज्ञान के अभाव में जीर्णशीर्ण होकर अपने उत्पादन को नियमित नहीं रख पा रहे हैं। इसी क्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र झालावाड़ की नई पहल के तहत् उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन अन्तर्गत दी जा रही आर्थिक सहायता को अब केन्द्र द्वारा प्राप्त किसानों को दिए जाने से जीर्णोद्धार कार्यक्रम और अधिक प्रभावी हो सकेगा। डॉ. मीणा ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण में पौधे की कटाई छटाई वाटर सूट्स को हटाना तथा पौधों की आकार रूप प्रदान करना साथ ही कटाई उपरान्त बोर्डो पेस्ट बनाकर पौधों पर पुतवाया गया। किसानों को उर्वरकों की संतुलित मात्रा बताकर उसकों पौधों में देने की रिंग विधि बताई गई जिसमेे उर्वरकों की अधिकतर मात्रा पौधे द्वारा ग्रहण कर ली जाती है जबकि किसान भाई अभी तक उर्वरकों को छिटककर ही देता है। केन्द्र के कीट व्याधि वैज्ञानिक डॉ. हरीश वर्मा, ने संतरा में फल मक्खी व काली मस्सी की रोकथाम के जैविक व रासायनिक सुझाव बताये। डॉ. नवाब सिंह ,द्वारा प्रशिक्षणार्थियों का पूर्व एवं अंतिम ज्ञान परीक्षण लिया गया।
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