चूरू

रिस्क लिया न करते गौरा भांग पिया ना करतै../ रामकथा में शिव-पार्वती की झांकी रही आकृषण का केन्द

सादुलपुर,अविनाश के.आचार्य। राजगढ़ शहर के सुप्रसिद्ध बाबा रामदेव मन्दिर मे चल रही श्रीरामकथा के तीसरे दिन शिव पार्वती विवाह का वाचन करते हुए हरिद्वार से पधारी कथावाचक परम् विदुिष डॉ.राधिका दीदी ने कहा कि बाबा तुलसीदास जी ने रामचरित मानस मे पहले शिव पार्वती की महिमा को गाया है उन्होने कहा कि भगवान राम जब माता सीता को ढुंढते हुए वन में भटक रहे थे तो उन्हे सती ने देखा व राम की परीक्षा लेनी चाही तो शिव बुरा मानकर समाधि मे चले गए। तब सती को पुनरू पार्वती के रूप मे जन्म लेना पड़ा व शिवजी की तपस्या कर उन्हे मनाया और फिर शिव पार्वती विवाह हुआ। बाबा रामदेव मन्दिर के पुजारी बाबुलाल स्वामी ने सेवन स्टार को बताया कि कथा में मुख्य यजमान सुरेन्द्र सैनी, नरेश सैनी, आर.एस.मैमोरियल स्कूल के निदेशक महावीर सिंह शेखावत, महेश शर्मा, राधेश्याम वर्मा अपनी विशेष सेवाएं दे रहे है। आपको बता दे कि तीसरे दिन की कथा में शिव-पार्वती की झांकी आकृषण का केन्द्र रही वही महिला मण्डल की प्रमोद राणी बैरासरिया ने भी सुन्दर भजनो की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान महावीर सिंह शेखावत ने 15 मई सोमवार को राम जानकी विवाह मे अधिक से अधिक संख्या में भक्तो को पधारने का आव्हान किया।

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